उरई। जालौन-गरौठा-भोगनीपुर सुरक्षित संसदीय क्षेत्र से सपा सांसद व जल संसाधन परामर्श समिति के सदस्य नारायण दास अहिरवार ने बुधवार को कहा है कि जल जीवन मिशन योजना में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। मानकों को ताक पर रखकर पाइपलाइन बिछाई गईं हैं। टंकियां भी मानक के विपरीत हैं, इसलिए टूट रही हैं। इस लूट और भ्रष्टाचार के खिलाफ संसद में आवाज उठाऊंगा और पीएमओ को इसकी विस्तृत जांच के लिए पत्र भी भेजूंगा।
अपने संसदीय कार्यालय में सांसद ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है, लेकिन अफसरशाही और ठेकेदारों की मिलीभगत से इसे पलीता लगाया जा रहा है। गृह ग्राम सैदनगर सहित पूरे संसदीय क्षेत्र-जालौन, गरौठा और भोगनीपुर की सभी पांच तहसीलों व नव विकासखंडों के लगभग 50 गांवों में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
कई जगह नल सिर्फ दिखावे के लिए लगाए गए हैं, लेकिन महीनों से एक बूंद पानी नहीं आ रहा। सांसद ने आरोप लगाया कि गांवों की सड़कों को खोदकर मात्र एक फीट गहराई में पाइपलाइन डाल दी गई है। मानक तीन फीट गहराई का है। उन्होंने कहा कि टंकियां बनाने में भी मानकों को नजरअंदाज किया गया है। कई टंकियां गिर चुकी हैं लेकिन आज तक उनकी जांच तक नहीं कराई गई।
सांसद ने कहा कि नलकूप की बोरिंग में भी घोटाला किया गया है। बोरिंग की मानक गहराई 100 फीट या उससे अधिक होनी चाहिए, वहां केवल 60-70 फीट तक ही की गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी खराब नलकूप को खोदवाकर उसका पाइप निकाला जाए तो भ्रष्टाचार खुद-ब-खुद उजागर हो जाएगा। सांसद ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर मामले की शिकायत पीएमओ और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में की थी। इसके बाद दिल्ली से तीन सदस्यीय जांच टीम उनके क्षेत्र में आई थी। उनकी ओर से प्रतिनिधि राघव अग्निहोत्री ने भोगनीपुर विधानसभा के दर्जनों गांवों में जांच टीम को साथ लेकर दौरा किया। ग्रामीणों ने टीम के सामने खुलकर समस्याएं रखीं और पानी न आने की शिकायत की। सांसद ने कहा कि पूरे मामले को संसद में उठाएंगे और मांग करेंगे कि इसकी गहराई से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर सही तरीके से जांच हो तो करोड़ों रुपये का घोटाला उजागर हो सकता है।