उरई। घरेलू विवाद में पत्नी को तमंचा मारने के आरोपी पति को न्यायाधीश ने दोषमुक्त कर दिया। हालांकि तमंचा बरामदगी के मामले में एक साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कुठौंद थाना क्षेत्र के पतराही गांव निवासी गौरव सिंह ने 15 जनवरी 2024 को थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि पिता श्यामवीर रोज शराब पीते थे और आए दिन मां के साथ गाली गलौज कर मारपीट करते थे। पिता ने 15 जनवरी 2024 को मां देवकी से कहा कि बाहर चलना है। मना करने पर पिता ने तमंचे से मांं के सीने में गोली मार दी थी। गोली की आवाज सुनकर घर में लोग पहुंचे तो मां खून से लथपथ थीं। उन्हें अस्पताल लाया गया। जहां इलाज के बाद हालत में सुधार हो गया।
पुलिस ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर घटना के 24 घंटे के अंदर श्यामवीर सिंह को गांव से गिरफ्तार कर लिया था। उसके निशानदेही पर घटना में शामिल तमंचा को बरामद कर जेल भेज दिया। तबसे आरोपी जेल में था। एक साल चले ट्रायल के दौरान गवाहों ने घटना की पुष्टि नहीं की और पक्षद्रोही बयान दर्ज कराए थे। सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें अपर जिला जज प्रथम शिवकुमार ने पत्रावली का अवलोकन कर श्यामवीर सिंह को तमंचे में दोषी पाते हुए सजा सुनाई।