उरई। प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल लाभार्थियों ने पहली व दूसरी किस्त लेने के बाद भी आवास नहीं बनवाए हैं। अब विभाग इनके खिलाफ आरसी जारी करेगा। इसमें करीब 215 लाभार्थी शामिल हैं, जिन्हें पहली व दूसरी किश्त की धनराशि मिल गई है। इसके बाद भी बहाने बनाकर वह अपने आवास का निर्माण नहीं करवा रहे हैं। अब इन पर विभाग शिकंजा कसने वाला है।
एक तरफ जहां कुछ लोग पक्के मकान और सिर छुपाने के लिए छत ढूंढने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो योजना में शामिल होने के बाद भी लापरवाही बरत रहे हैं। डूडा विभाग ने पीएम आवास योजना में चयनित 300 ऐसे लाभार्थियों को अंतिम नोटिस दिया था, जिन्होंने आवास की धनराशि मिलने के बाद भी निर्माण नहीं करवाया था। इनमें कुछ लाभार्थियों ने पहली तो कुछ ने दूसरी किस्त लेने के बाद भी आवास नहीं बनाए थे।
अंतिम नोटिस के बाद भी इनमें से 210 लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया और आवास का भी निर्माण नहीं करवाया। डूडा विभाग के अधिकारियों ने जांच करते हुए इन लाभार्थियों को चिह्नित किया। अब विभाग इनके खिलाफ आरसी जारी कर रहा है। इनसे प्रशासन रिकवरी करेगा। इन लोगों पर करीब 2.60 करोड़ रुपये की वसूली होगी। यह धनराशि आवास बनाने के लिए दी गई थी, लेकिन इन लाभार्थियों ने इसे बीमारी और घरेलू जरूरतों में खर्च कर दिया।
44 लोगों से हुई रिकवरी
जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि रिकवरी करने के लिए विभाग करीब दो सालों से प्रयास कर रहा है। कई बार सर्वे और चेतावनी दी गईं। इसके बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। फिर हर तीन-चार महीने बाद नोटिस दिए गए। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। फिर अंतिम नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बाद करीब 44 लाभार्थियों ने 40 लाख रुपये तक की धनराशि वापस कर दी है। इनमें से कुछ लाभार्थी ऐसे थे, जिन्हें पहली किस्त के बाद दूसरी किस्त दी ही नहीं गई थी। 46 लोगों ने काम भी शुरू कर दिया है।
चार पालिका, दो पंचायत में होगी आरसी जारी
चारों नगर पालिका और दो नगर पंचायत के लाभार्थियों के खिलाफ आरसी जारी होगी। ऊमरी, रामपुरा, एट, कदौरा और माधौगढ़ पंचायतों में कोई कार्रवाई नहीं होगी।
इन लाभार्थियों ने नहीं बनाए मकान
- उरई में 115
- नदीगांव में 50
- कोंच में 25
- कोटरा में 14
- जालौन में 4
- कालपी में 2
ऐसे मिलते हैं ढाई लाख रुपये
पीएम शहरी आवास योजना में लाभार्थियों को तीन किश्तों में ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं:
-पहली किस्त में 50 हजार रुपये नींव भरने के लिए।
-दूसरी किस्त में 1.5 लाख रुपये दीवार और लिंटर के लिए
-तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये खिड़की, दरवाजे और रंगाई जैसे कार्यों के लिए।
इन कार्यों के बाद विभाग सर्वे करके शासन को जानकारी भेजता है।
दूसरी किश्त लेने वाले लाभार्थी ये बना रहे बहाने
केस-1:
पॉलिटेक्निक के सामने नया पटेलनगर निवासी सुनीता अब विभागीय अधिकारियों की कॉल नहीं उठा रही हैं। पहले जब उनसे संपर्क किया जाता था तो कहती थीं कि वह बाहर रहकर काम कर रही हैं। जब वापस आएंगी तो मकान बनवाएंगी।
केस-2:
हड्डी मील के पास नया पटेलनगर निवासी शगुन बीमारी का बहाना बना रही हैं। कॉल करने पर उनका कहना है कि उनके पति और उन पर इलाज में पैसा खर्च हो गया। मजदूरी करती हैं, इसलिए इस समय मकान बनवाना संभव नहीं।
केस-3:
चौरसी मोड़ नई बस्ती के पास शबनम छह महीने से बहाना बना रही हैं कि जल्द ही काम शुरू होगा। लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। कई बार तो उन्होंने काम करवाने से मना कर दिया।
केस-4:
पराग डेयरी के सामने नया पटेलनगर निवासी शर्मिला बता रही हैं कि उनके यहां कई परेशानियां हैं। रुपये खर्च हो चुके हैं, इस कारण वह मकान का निर्माण नहीं करवा पा रही हैं। इसलिए मकान अधूरा पड़ा है।
वर्जन
अंतिम नोटिस भेजे जा चुके हैं। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद अब आरसी जारी की जा रही है। जल्द ही आरसी भी भेज दी जाएगी। - अनुज पालीवाल, सीएलटीसी