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Jalaun News: एक अप्रैल से बढ़ेगा गृहकर, 500 की जगह देने होंगे डेढ़ से दो हजार रुपये

Sat, 29 Mar 2025 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। एक अप्रैल से शहरवासियों को बढ़े हुए गृहकर का बोझ उठाना होगा। अब पांच सौ रुपये की जगह डेढ़ हजार से दो हजार रुपये तक गृहकर चुकाना होगा। शासन के निर्देश पर नगर पालिका ने नई दरें लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। दो साल पहले भी पालिका ने कर बढ़ाया था, अब फिर से दरें बढ़ाई जा रही हैं।
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नगर पालिका अब घरों के सामने की सड़क और मोहल्ले की स्थिति के हिसाब से गृहकर वसूलेगी। बाजार क्षेत्र में यह कर सामान्य रिहायशी इलाकों से 25 से 30 प्रतिशत अधिक होगा। 2023 से पहले 20x40 फुट के मकान पर मात्र 50 से 60 रुपये गृहकर लिया जाता था, जिसे 550 रुपये तक बढ़ाया गया। अब 2024 से इसी आकार के घर का गृहकर 1500 रुपये तक हो जाएगा। नगर पालिका ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। इस फैसले का कुछ सभासदों ने विरोध भी किया, लेकिन इसे लागू करने से नहीं रोका जा सका।
कर अधीक्षक गणेश प्रसाद ने कहा कि नगर पालिका इस साल अच्छी वसूली कर रही है। अब वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले 3-4 दिनों में 50 लाख रुपये की और वसूली का लक्ष्य रखा गया है। पालिका की कोशिश है कि जितना अधिक बकाया हो, उसे जल्द से जल्द वसूल किया जाए।
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इस साल लक्ष्य से अधिक वसूली

नगर पालिका ने इस वर्ष अपने राजस्व में लक्ष्य से अधिक वसूली की है। इस वित्तीय वर्ष में कर और करेत्तर राजस्व का लक्ष्य 5.81 करोड़ रुपये रखा गया था, जबकि 7.50 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। पिछले वर्ष यही लक्ष्य था, लेकिन तब सिर्फ 5.87 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई थी। इस साल भवन कर वसूली का लक्ष्य 1.17 करोड़ रुपये रखा गया था, जिसके सापेक्ष पालिका 1.75 करोड़ रुपये की वसूली कर चुकी है। इस साल 3,560 नए घर टैक्स के दायरे में आए, जिससे कुल 49,800 घरों से कर वसूला जा रहा है। अब भी 1,000 से अधिक घर टैक्स से बाहर हैं, जिन्हें दायरे में लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब तक नहीं हुई सख्ती, करोड़ों बकाया
शहर में 85 गेस्ट हाउस पंजीकृत हैं, जिनमें से कुछ बंद हो चुके हैं। वर्तमान में 75 गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से 35-40 गेस्ट हाउसों से ही टैक्स वसूला गया है। अगर सभी से वसूली हो जाए, तो नगर पालिका की आय में बड़ा इजाफा होगा। पालिका एक गेस्ट हाउस से 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की वसूली करती है, लेकिन अधिकांश गेस्ट हाउस कर जमा नहीं कर रहे। नगर में 10 पैथोलॉजी लैब, 50 अस्पताल, गांधी मार्केट की 60 दुकानें और बिजलीघर कार्यालय पर करीब 2 करोड़ रुपये का बकाया है, लेकिन अब तक इनसे वसूली नहीं हो पाई है। यदि यह बकाया वसूल लिया जाए तो पालिका की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो जाएगी।
कर व करेत्तर राजस्व से हो रही आय

कर राजस्व

नगर पालिका विभिन्न प्रकार के करों को लगाकर वसूल करती है। इसे नागरिकों और व्यवसायियों से अनिवार्य रूप से लिया जाता है। यह कर भवन, दुकान, या किसी अन्य अचल संपत्ति, कचरा निस्तारण, सफाई, नगर पालिका क्षेत्र में व्यवसाय संचालन, नगर की सुविधाओं का उपयोग करने पर वसूला जाता है।
करेत्तर राजस्व

यह वह आय होती है, जो नगर पालिका करों के अतिरिक्त अन्य स्रोतों से अर्जित करती है। इसे शुल्क, लाइसेंस, किराया या जुर्माने के रूप में लिया जाता है। यह कर लाइसेंस शुल्क, दुकानों, होटलों, ठेलों, निर्माण कार्यों, नगर के बाजारों, मंडियों, नगर पालिका की संपत्तियों (दुकानें, हॉल, मैदान) आदि से होने वाली आय, पॉलिथीन का उपयोग, अनाधिकृत निर्माण, अतिक्रमण या नियमों के उल्लंघन पर लगाया जाता है।
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