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कविड से मौत की बजाए बीमारी से मौत के प्रमाणपत्र पर व्यापार सभा नाराज

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कोंच। कोविड 19 से होने वाली मौतों पर अस्पतालों और निकायों से जारी होने वाले प्रमाणपत्रों पर मौत का कारण कोविड की बजाय बीमारी से दर्ज होने को लेकर समाजवादी व्यापार सभा खफा है। व्यापार सभा ने इसे मुआवजा देने से बचने और कोविड से होने वाली मौतों का आंकड़ा छिपाने का कुचक्र बताया है।
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सपा व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष मनोज इकड़या, उपाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, सरनाम सिंह यादव की अगुवाई में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अशोक कुमार को दिया। ज्ञापन में बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि जिनकी मृत्यु कोरोना से हुई है उनके अस्पताल से जारी डिस्चार्ज प्रमाणपत्र में मौत का कारण कोविड के बजाए बीमारी बताया जा रहा है। नगर निकाय भी जो मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं उनमें भी मौत का कारण कोरोना नहीं दर्शाया जा रहा है। ताकि कोविड से मरने वालों का आंकड़ा कम किया जा सके। जबकि उनका अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के नियमों के तहत किया गया है। इस कारण प्रमाणपत्रों की वजह से मृतक के परिजनों को बीमा क्लेम व संभावित मुआवजा प्राप्त करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि कोविड 19 से होने वाली मौत के प्रमाणपत्र में मौत का कारण कोविड 19 ही लिखा जाए। इस दौरान हरिश्चंद्र तिवारी, राजेंद्र चमरसेना, संदीप अग्रवाल, संजीव तिवारी, रामशरण, कृष्णबिहारी कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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फोटो-28-टैक्सी में ठूंस कर भरी गई सवारियां। संवाद
टेंपो-टैक्सियों में गाइडलाइन का पालन नहीं
कोंच। सरकार ने आम जन जीवन को पटरी पर लाने के लिए मंगलवार से कोरोना कर्फ्यू को कोविड प्रोटोकॉल की पाबंदियों के साथ अनलॉक की प्रक्रिया भले ही शुरू कर दी है। पर लोग हैं कि सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मास्क और दो गज की दूरी तो लोग पहले ही दिन भूल गए। कस्बे में चल रहे टेंपो-टैक्सियां खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। उनमें सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरी जा रही हैं।
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शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि अनलॉक के बावजूद दो गज की दूरी, मास्क, सैनिटाइजेशन जैसी चीजों के साथ ही जिंदगी को आगे बढ़ाना है। वाहनों में सवारियों को बैठाने आदि पर भी यह नियम लागू हैं और कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही सवारियां ले जाई जा सकती हैं। पर उन निर्देशों का पालन होता नहीं दिखाई दे रहा है। टैक्सी चालक मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। वाहनों में सवारियों को ठूंस ठूंस भर रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। (संवाद)
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