मांगों को लेकर तीन दिन से आंदोलन कर रहे होमगार्ड बुधवार को टाउन हाल में सभा करने के बाद जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर प्रशासनिक अधिकारियों ने होमगार्ड यूनियन के नेताओं से बबीना उपचुनाव में ड्यूटी के लिए कहा। मना करने पर सीओ ने जेल भेजने की चेतावनी दी। इस पर होमगार्ड बिफर पड़े और उन्होंने कहा कि वह जेल जाने को तैयार हैं, पर
आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। इससे माहौल गर्मा गया। कई घंटे तक नारेबाजी करने के बाद होमगार्ड वापस चले गए। मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स अवैतनिक अधिकारी कर्मचारी एसोसिएशन बीते तीन दिनों से आंदोलनरत है। बुधवार की सुबह 11 बजे जिले के सभी होमगार्ड टाउन हाल मैदान में इकट्ठा हुए। यहां पर सभा में संगठन के जिलाध्यक्ष कौमेश द्विवेदी
काजू ने कहा कि प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रही है। हमारी मांग है कि होमगार्डों का नियमितीकरण किया जाए और टीए, डीए की सुविधा दी जाए। जिला कमांडेंट, बीओ द्वारा जवानों का शोषण बंद करवाया जाए, भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जाए। जिले में कई वर्षों से तैनात वैतनिक अधिकारियों की संपत्ति की जांच कर कार्रवाई की
जाए। कहा कि प्रदेश सरकार जब तक हमारी मांगें नहीं मांगती है तब तक आंदोलन जारी रखेंगे और कार्य बहिष्कार करेंगे। इसके बाद होमगार्ड जुलूस के रूप में शहीद भगत सिंह चौराहा, अंबेडकर चौराहा, जिला परिषद होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और पांच सूत्री मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपने पहुंचे। यहां पर सिटी मजिस्ट्रेट मोइनुल इस्लाम व सीओ सिटी जंगबहादुर सिंह
के साथ होमगार्ड यूनियन के पदाधिकारियों की वार्ता हुई। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों ने उनसे कहा कि वह बबीना जिला पंचायत सीट पर होने वाले उपचुनाव में ड्यूटी करें। पदाधिकारियों के मना करने पर सीओ सिटी ने जेल भेजने की चेतावनी दी। इस पर होमगार्ड बिफर पड़े और उन्होंने कहा कि वह जेल जाने को तैयार हैं, पर किसी भी सूरत में वह
आंदोलन खत्म कर ड्यूटी नहीं करेंगे। इसके बाद होमगार्ड करीब डेढ़ घंटे तक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रशासनिक अधिकारी बैकफुट पर आ गए। तब जाकर मामला शांत
हुआ। इस दौरान आनंद स्वरूप, जगजीवन, संजय यादव, धर्मेंद्र सिंह, नसीम अख्तर, गुड्डन, रविंद्र कुमार, घनश्याम तिवारी, अनिल कुमार, चंद्रशेखर, रविंद्र कुमार, लोकेंद्र, बाबूराम, ब्रजेश कुमार, महेश, कैलाश नारायण आदि होमगार्ड मौजूद रहे।