जालौन। नगर के देवनगर चौराहे के सुंदरीकरण के बाद चौराहे पर किसी महापुरुष की प्रतिमा स्थापित की जानी है। सोमवार को एमएलसी प्रतिनिधि देवनगर चौराहे पर सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा लेकर पहुंच गए। बिना किसी पूर्व अनुमति के चौराहे पर प्रतिमा स्थापित करने का हिंदू संगठनों ने विरोध कर दिया। मौके पर एसडीएम व सीओ भी पहुंचे और बिना अनुमति के प्रतिमा स्थापित करने से रोक दिया।
लगभग चार वर्ष पूर्व नगर पालिका परिषद द्वारा देवनगर चौराहे का सुंदरीकरण कराया गया था। चौराहे पर यातायात व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए गोल चक्कर बनाने के साथ ही वहां किसी महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्थान छोड़ा गया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य वहां पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा एवं नगरवासी ताईबाई की प्रतिमा स्थापित करने की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा अन्य संगठनों के लोग भी अन्य प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि चौराहे पर किस महापुरुष की प्रतिमा स्थापित की जाएगी यह निर्णय नहीं हुआ है। इसके बाद भी बिना किसी पूर्व अनुमति और सूचना के सोमवार को अचानक एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन देवनगर चौराहे पर ट्रैक्टर पर सरदार वल्ल्भ भाई पटेल की प्रतिमा लेकर पहुंच गए और प्रतिमा लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
प्रतिमा स्थापित होने की जानकारी मिलते ही चौराहे पर भीड़ के साथ ही एबीवीपी व बजरंग दल के सदस्य पहुंच गए और सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित करने का विरोध करने लगे। इसी दौरान बिना अनुमति के चौराहे पर प्रतिमा स्थापित होने की सूचना मिलने पर एसडीएम अतुल कुमार, सीओ रामसिंह, कोतवाल विमलेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। बगैर स्थानीय प्रशासन के जानकारी के मूर्ति लगने पर विरोध होता देख अधिकारियों ने एमएलसी प्रतिनिधि को प्रतिमा स्थापित न करने के लिए समझाया। जिसके चलते चौराहे पर सरदार पटेल की मूर्ति स्थापित नहीं हो सकी। मूर्ति के वहां से जाने के बाद ही भीड़ वहां से हटी।