उररई। ब्लड रिपोर्ट न आने पर राठ से आए वृद्ध मरीज को डॉक्टर ने भर्ती नहीं किया। वृद्ध व उनके नाती ने टिनशेड के नीचे रात गुजारी। उनका कहना है कि दो दिन से वह भटक रहे हैं, लेकिन कोई उनकी पीड़ा को नहीं सुन रहा। पूछने पर नाती ने कहा कि दादा की जान बचानी है, इन्हें डॉक्टर को तो दिखाना ही है।
हमीरपुर जिले के राठ निवासी दुर्जन सिंह (80) को गर्दन के पास गांठ है। जब वह सीएचसी गए तो डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज उरई जाकर ऑपरेशन करवाने की सलाह दी। इस पर वह नाती मनीष के साथ गुरुवार को मेडिकल कॉलेज उरई आ गए। डॉक्टर ने उन्हें ब्लड जांच करवाने के लिए कहा। जांच के बाद रिपोर्ट नहीं मिली तो मनीष ने डॉक्टरों से दादा को भर्ती करने की बात कही।
इस पर मौजूद डॉक्टर ने कहा जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती तो इन्हें भर्ती नहीं किया जा सकता। कल आना, लाचार नाती दादा को लेकर पूरी रात टिनशेड के नीचे पड़े रहे। बताया कि वह शुक्रवार की सुबह फिर डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्होंने बताया कि जब तक रिपोर्ट नहीं आएगी इन्हें भर्ती नहीं किया जाएगा। तीन दिन बाद आना। अब बेबस नाती अपने दादा को लेकर भटक रहा है, लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। उसका कहना है कि इतना रुपया नहीं है कि वह प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवा सके। इंतजार कर रहे हैं।
वर्जन
मरीज को भर्ती कराने के लिए रिपोर्ट की कोई जरूरत नहीं होती है। अगर डॉक्टर ने मरीज को भर्ती नहीं किया तो उन्हें कार्यालय आकर संपर्क करना चाहिए था। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
- प्रशांत निरंजन, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज