जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
उरई (जालौन)। शहर में सफाई व्यवस्था की हालत खराब है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी कूड़ा तक नहीं उठा रहे हैं। इससे भीषण गर्मी में लोग रोगों के शिकार हो रहे हैं। अस्पतालों में भी उल्टी, दस्त के मरीजों की संख्या क ाफी बढ़ गई है।
नगर पालिका के अधिकारियों की लापरवाही से शहरियों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। दरअसल, शहर की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह धड़ाम हो चुकी है। मुख्य चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हैं। मोहल्लों में नालियों की हालत यह है कि वह गंदगी से बजबजा रही हैं। महीनों से नालियों की सफाई न होने से कई जगह ओवरफ्लो तक हो गई हैं। सफाई निरीक्षक की लापरवाही से सफाईकर्मी भी मौज में हैं।
इसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गंदगी के कारण उठती तीक्ष्ण दुर्गंध के कारण लोग डायरिया, उल्टी, दस्त जैसी संक्रामक बीमारियों की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। हालत यह है कि जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो गया है। आम तौर पर यहां 700 से 800 मरीज इलाज कराने आते थे। इन दिनों इनकी संख्या 1000 से ऊपर हो चुकी है। इसमें आधे मरीज केवल उल्टी, दस्त व डायरिया के हैं। नगर पालिका की इस लापरवाही के चलते शहरियों में आक्रोश भी पनप रहा है।