फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंट्रोल रूम में फोन आते ही पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी, चिकित्साधीक्षक ने कराया सकुशल प्रसव

विज्ञापन
कदौरा में आइसोलेशन वार्ड में जच्चा से जानकारी लेते चिकित्साधीक्षक - फोटो : ORAI
विज्ञापन
चिकित्साधीक्षक ने कराया सकुशल प्रसव
विज्ञापन

फोटो-04-प्रसूता से बात करते चिकित्सा अधीक्षक डॉ अशोक कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी।
कदौरा। कस्बे में शुक्रवार को प्रवासी मजदूर रामदास ने कदौरा ब्लॉक के कंट्रोल रूम में फोन कर बताया कि वह पत्नी गोमती व बच्चों के साथ हरियाणा से घर लौट रहा था, तभी कदौरा के पास गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सूचना मिलते ही चिकित्सा अधीक्षक अशोक कुमार की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम हमीरपुर हाईवे स्थित बागी के पास पहुंचे और महिला का सकुशल प्रसव कराकर सीएचसी में भर्ती कराया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ अशोक कुमार ने बताया कि महिला गोमती अपने पति रामदास व परिवार के साथ हरियाणा से लौट कर अपने घर ग्राम हसतम, बिसंडा जिला बांदा जा रही थी। बागी व सहादतपुर के पास उसे प्रसव दर्द होने लगा था। सूचना पर पहुंची टीम ने सकुशल प्रसव करा दिया है। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं, एहतियातन पति-पत्नी के सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है, साथ ही उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। वहीं प्रशासन को एक फोन करने पर मदद मिलने से प्रवासी परिवार खुश है। पहले पति रामदास ने पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर स्थानीय लोगों से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन कोरोना के डर की वजह से कोई मदद करने को तैयार नहीं था। इसके बाद उसने कंट्रोल रूम में सूचना दी। जिसके बाद कदौरा के डाक्टर उसके लिए भगवान बन गए और न सिर्फ उसकी पत्नी का उपचार किया बल्कि उन्हें खाने पीने का सामान भी दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
चिकित्सा अधीक्षक की तत्परता से बची प्रसूता की जान
बताया जाता है कि कंट्रोल रूम की सूचना मिलते ही बैठक कर रहे चिकित्सा अधीक्षक अशोक कुमार ने आनन फ ानन में मौके पर पहुंच कर प्रसूता की सकुशल डिलीवरी कराई। डाक्टरों का कहना है कि अगर महिला को उपचार में जरा सी देर हो जाती तो जच्चा बच्चा दोनों की जान को खतरा हो सकता था, लेकिन सही समय पर महिला को उपचार मिल गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें