आटा/एट। कई जगह मोर, कौए और कबूतरों की मौत से लोगों में दहशत है। सूचना पाकर पशु पालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि मौत का कारण अधिक ठंड भी हो सकती है, फिलहाल जांच की जा रही है। कुछ शवों को जांच के लिए भेजकर बाकी को वहीं गड्ढा खोदकर दफना दिया गया है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र ने बताया कि जांच में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। फिर भी जांच के लिए नमूने भेजे जा रहे हैं।
रविवार की रात गांव सन्दी में करन सिंह की बगिया में तीन मोर मृत मिले। कुछ ही दूरी पर दो अन्य मोर के पंखे पड़े थे, आसपास खून भी फैला था। खबर मिलते ही बगिया में ग्रामीणों की भीड़ लग गई। देर रात पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद सोमवार की सुबह आटा पशु चिकित्साधिकारी रविंद्र कुमार व वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच की।
ग्रामीणों ने बताया कि पांच राष्ट्रीय पक्षी मोर की रात को ही मौत हो चुकी थी। सुबह दो कबूतर उड़ान भरते ही जमीन पर गिरे और उनकी मौत हो गई। तीन कौओं के शव भी बगीचे के पास मिले। बगीचे के नजदीक ही कुत्ते के तीन पिल्ले भी मृत अवस्था में पाए गए। उधर, एट में एक कौवा मृत मिला।
ग्रामीणों का मानना है कि मृत पक्षियों के खाने से ही पिल्लों की मौत हुई है। वन विभाग के दरोगा लखन यादव के मुताबिक पक्षियों की मौत का कारण बगीचे में पड़ी खाद का सेवन करना भी हो सकता है।