उरई। कोरोना के चलते प्रदेश सरकार ने सभी परीक्षाएं रोककर स्कूलों को 2 अप्रैल तक बंद रखने का निर्णय लिया है। अचानक आए इस फरमान से जिन स्कूलों में परीक्षा व प्रवेश प्रक्रिया चल रही थी, उनके संचालक थोड़े परेशान तो जरूर हुए लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य के मद्देनजर सभी एक स्वर से सरकार के इस फैसले के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। संचालकों का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि इतने दिन स्कूल बंद होने से परीक्षाएं और प्रवेश प्रक्रिया दोनों ही प्रभावित हो रही है, लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। रही बात परीक्षा व प्रवेश की तो इसे आगे भी बढ़ाकर सत्र को नियमित रखने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल कई स्कूल संचालकों ने अपनी कक्षाओं, स्कूल गेट और बसों की साफ सफाई का काम भी तेजी से शुरू करा दिया है, ताकि बच्चों में किसी भी तरह से संक्रमण न फैल सके।
अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंकों से होगा प्रवेश
बीकेडी एल्ड्रिच स्कूल के प्रबंधक अजय इटौरिया का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते मार्च में होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी जाएंगी। ऐसे में बच्चों को अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंकों के आधार पर अगली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। साथ ही एक अप्रैल से शुरू होने वाला सेशन भी दस अप्रैल के बाद शुरू कराने की योजना है। फिर शासन का जैसा निर्देश होगा, उसी आधार पर सेशन शुरू किया जाएगा। छात्रों से कहा गया है कि वे घरों पर पढ़ाई करें और कोरोना से बचाव में जुटे।
शासन के निर्देशों तक बंद रहेंगे स्कूल
देहली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एसके सिंह ने बताया कि यह हम सबके लिए परीक्षा की घड़ी है। हमारा दायित्व है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम करें। शासन स्तर से 2 अप्रैल तक के लिए स्कूलों के संचालन को बंद रखने का फैसला लिया गया है। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए स्कूल बंद रखे जाएंगे। शासन के निर्देश के बाद जब स्कूलों का संचालन शुरु होगा, वैसे ही निर्णय लिए जाएंगे। सत्र लेट होगा, यह कितना लेट होगा, यह शासन के निर्देश पर निर्भर करेगा।
बैठक कर लिया जाएगा निर्णय
विनायक एकेडमी के संचालक दीपक गुप्ता का कहना है कि कोरोना को लेकर शासन के निर्देशों पर स्कूलों का संचालन अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया है। स्कूल परिसर की साफ सफाई भी करा दी गई है। स्कूल स्तर की परीक्षाओं का काम भी रोक दिया गया है। यदि 2 अप्रैल के बाद भी स्कूल नहीं खुलता है तो प्रबंधतंत्र के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। यह बात तय है कि सत्र लेट होगा, उसी के अनुसार नया सेशन शुरू होगा।
बच्चों की सेहत पहले, बाकी सब बाद में
कालपी रोड स्थित गुरुकुलम स्कूल की संचालक श्रुति माहेश्वरी का कहना है कि उनके लिए बच्चों का स्वास्थ्य पहले है, बाकी सब बाद में। उनके स्कूल में अभी घरेलू परीक्षाएं भी चल रही थीं, फिर प्रवेश प्रक्रिया का भी वक्त चल रहा है। ऐसे में अचानक स्कूल बंद होने से थोड़ी असुविधा तो हो रही है, फिर भी सब कुछ व्यवस्थित किया जाएगा और बच्चों से कहा गया है कि वे घर पर अपनी पढ़ाई की तैयारी करते रहें। ठीक वक्त आने पर स्कूल खोला जाएगा और परीक्षा व प्रवेश प्रक्रिया दोनों ही संपन्न कराई जाएगी।
एसके सिंह- फोटो : ORAI
दीपक गुप्ता- फोटो : ORAI
अजय इटौरिया।- फोटो : ORAI