शहर के नया पटेल नगर की एक गली हैंडपंप में लगा सबमर्सिबल पंप।
- फोटो : अमर उजाला
सूखे जनपद में सरकारी हैंडपंपों पर दंबगो का कब्जा है। गांव से लेकर शहर तक में घर के दरवाजे पर लगे सरकारी हैंडपंप अतिक्रमण की चपेट में है। कई जगह पर लोग सबमर्सिबल डाले हुए हैं। हैंडपंप खराब समझा जाए इसके लिए उन्हें जमींदोज करने का प्रयास भी किया गया। इलाके के लोग दबंग व नेताओं के सामने कुछ बोल भी नहीं पा रहे हैं। डीएम ने बीते दिनों
एसडीएम को निर्देश दिए थे कि वह सरकारी हैंडपंपों को कब्जा मुक्त कराए। इस फरमान का भी कोई असर नहीं हुआ है। पानी के लिए दबंगई दिखाई जा रही है। इस समय समूचा बुंदेलखंड सूखे की विभीषिका से जूझ रहा है। ऐसे में पेयजल के हर संभव इंतजाम के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। गांव हो या शहर सभी जगह हैंडपंपो को ठीक किया जा रहा
है। दूसरी तरफ सरकारी हैंडपंप अतिक्रमण की चपेट में है। शहर के नया पटेल नगर में बैंक कालौनी के पीछे लगा हैंडपंप बीते कई वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में है। यहां पर हैंडपंप जमीन में धंसा हुआ है, मोहल्ला के एक दबंग ने उसमें सबमर्सिबल पंप डाल लिया है। इससे मोहल्ले के अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार शहर के राजेंद्र नगर में
सपा से जुड़े परिवार के घर के सामने हैंडपंप में सबमर्सिबल पंप लगा है। इसी मोहल्ले में बंबी रोड पर भी एक हैंडपंप पर कब्जा है। इसके अलावा इंद्रा नगर, समेत अन्य मोहल्ले ऐसे हैं जहां
सरकारी हैंडपंपों में दबंगों ने सबमर्सिबल लगा लिए हैं। माधौगढ़, कालपी में भी सरकारी हैंडपंप जिसके दरवाजे लगे है उसी के होकर रहे गए हैं। इन पंपों से निकाला जाने वाला पानी बर्बाद भी खूब होता है और जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता है। लोगों ने हैंडपंपों को कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग प्रशासन से की है।
सरकारी हैंडपंप पर किसी प्रकार का कोई अतिक्रमण नहीं कर सकता। इसके लिए सभी एसडीएम को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वह अपने क्षेत्र के हैंडपंप को अतिक्रमण से मुक्त कराएं। इसकी रिपोर्ट भी दे। हर हाल में हैंडपंप से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिन लोगों ने सबमर्सिबल लगाए हैं उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। -संदीप कौर,डीएम जालौन