आटा। एक ओर सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं कदौरा विकासखंड की ग्राम पंचायत चमारी में ग्रामीण वर्षों से पेयजल संकट झेलने को मजबूर हैं। गांव के कई हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी के बीच लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रशासन समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक हल्लू के घर के पास लगा सरकारी नल, प्राथमिक विद्यालय के समीप स्थापित नल, फूल सिंह के घर के पास का हैंडपंप और लाखन कुशवाहा के घर के निकट लगा सरकारी नल वर्षों से खराब पड़े हैं। कुछ जलस्रोत पूरी तरह बंद हैं तो कुछ से पर्याप्त पानी नहीं निकलता। इससे ग्रामीणों को दूर-दराज के हैंडपंपों और निजी जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीण लाखन कुशवाहा ने बताया कि उनके घर के पास लगा सरकारी नल करीब चार वर्ष से खराब है। इसकी कई बार शिकायत की गई लेकिन आज तक मरम्मत नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि हर बार केवल आश्वासन मिलता है जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है। बीडीओ संदीप मिश्रा का कहना है कि खराब नलों व हैंडपंपों की सूची बनवा ली गई है, जल्द इन्हें ठीक करा दिया जाएगा।