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हड़ताल से रोजाना बीस करोड़ का कारोबार प्रभावित

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गल्ला मंडी में बिना काम के बैठे पल्लेदार। - फोटो : ORAI
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उरई। मंडी शुल्क की दोहरी नीति के विरोध में गल्ला व्यापारियों की प्रदेश व्यापी हड़ताल छठवें दिन भी जारी रही। छह दिन से चल रही हड़ताल से रोजाना करीब बीस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है। मंडी में माल बेचने आ रहे किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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गल्ला व्यापार सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी का कहना है कि गल्ला व्यापारी अपनी मांगों को लेकर 21 सितंबर से प्रदेश व्यापी हड़ताल पर हैं। इसके तहत जिले की कालपी, कदौरा, जालौन, कोंच, एट, माधौगढ़ व जनपद मुख्यालय की गल्ला मंडियां बंद हैं। इन गल्ला मंडियों से करीब 1500 व्यापारी, इतने ही अकाउंटेंट और करीब पांच से छह हजार छनैया, बिनैया और पल्लेदार जुड़े हैं। जिले भर की गल्ला मंडी में रोजाना करीब बीस करोड़ रुपये का कारोबार होता था। यह हड़ताल के चलते बंद पड़ा है। सरकार को गल्ला मंडी से ढाई प्रतिशत शुल्क मिलता था। कारोबार न होने से सरकार को इस राजस्व की हानि हो रही है।
हड़ताल का पल्लेदारों पर भी असर
हड़ताल का असर गल्ला व्यापारियों पर खासा पड़ा है। पल्लेदार भी परेशान हैं। गल्ला मंडी के पल्लेदार अंशू, जीतेंद्र, रामभरोसे, हरीशंकर, गोविंद, छोटे, पप्पू, नरेश आदि का कहना है कि बरसात में वैसे भी किसान कम माल लेकर आते हैं। ऐसे में छह दिन से चल रही हड़ताल ने मुसीबत खड़ी कर दी है। मंडी में सन्नाटे से चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है।
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ये हैं व्यापारियों की मांगें
मंडी शुल्क की दोहरी नीति को समाप्त किया जाए।
एसआईबी की छापेमारी बंद कर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई रोकी जाए।
व्यापारियों के लिए आवंटित दुकानों की उन्हीं के नाम रजिस्ट्री की जाए।
गल्ला व्यापारियों ने विधायक को बताईं समस्याएं
उरई। प्रदेशीय आह्वान पर गल्ला व्यापार सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी की अध्यक्षता में मंडी गेट पर मंडी शुल्क की दोहरी नीति के विरोध में शनिवार को छठवें और आखिरी दिन गल्ला मंडी बंद कर धरना दिया गया। नारेबाजी भी की गई। इस दौरान मौके पर पहुंचे विधायक गौरीशंकर वर्मा को ज्ञापन दिया गया। विधायक ने भरोसा दिलाया कि वह व्यापारियों की समस्याओं को राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलकर हल कराएंगे। वहीं संगठन के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने व्यापारियों की मांगों का समाधान न किया तो आगामी चुनाव में व्यापारी भाजपा का खुलकर विरोध करेंगे। इस दौरान केदार भारद्वाज, अरविंद पटैरिया, उदय टिमरो, रविंद्र करमेर, राजू चिल्ली, मनोज गुप्ता, राकेश, संतोष, देवेंद्र बीजापुर, छोटे इटौदिया, अनूप लोखटिया, अनिल दुबे, महावीर गुप्ता, रवि इटौदिया, विजय पाल, संजू रिनियां, आशीष सेठ, कल्लू धमनी, रामप्रकाश, बृजेश गुप्ता, पंकज उमराव, महेंद्र, दिनेश गुप्ता,अरविंद सोनी, ब्रजकिशोर, अरविंद चिकासी आदि रहे।
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