उरई(जालौन)। हाथरस में अनुसूचित जाति की लड़की के साथ दुष्कर्म और मारपीट के बाद हत्या के मामले में समाज के हर वर्ग में आक्रोश है। राजनीतिक दल भी इस मामले में आंदोलित हैं। बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसपी आफिस के बाहर नारेबाजी करते हुए धरना दिया। बाद में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सीओ सिटी को सौंपा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल हो गई है। दुष्कर्म के बाद पीड़ित की अस्पताल में मौत हो जाती है। पुलिस परिजनों को शव भी नहीं देती है। उन्नाव और हाथरस की घटना में सरकार दोषियों के साथ खड़ी दिखाई देती है। आवाज उठाने पर उत्पीड़न शुरू कर दिया जाता है। राज्यपाल से सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। इस दौरान सेवादल जिलाध्यक्ष धीरेंद्र शुक्ला, महासचिव और माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र प्रभारी दीपांशु समाधिया, अरविंद सेंगर, सिद्धार्थ दीवौलिया, राजीव नारायण मिश्रा, ब्रजेश पांडेय, राजेश मिश्रा, संतराम नीलांचल, लालू शेख, अमित पांडेय, रामहेत, रिषभ बिदुआ, पुरुषोत्तम, शिवम, सद्दाम आदि रहे।
भाकपा माले ने सरकार से इस्तीफा मांगा
उरई। हाथरस की घटना को लेकर भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार से इस्तीफे की मांग की। माले के जिला सचिव राजीव कुशवाहा, मुकेश कुमार मौर्य,, गौरीशंकर, हरीशंकर, हरदास, लखनलाल, प्रतापबाबू, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।