फोटो-19-गल्ला मंडी में बसों पर देखा जा रहा माल। संवाद
- दिल्ली जाने वाली स्लीपर बसों में बिना जीएसटी पर्ची और वैध दस्तावेजों के माल ले जाया जाता है
- गड़बड़ी मिलने पर बसों के गल्ला मंडी में खड़ा कराया गया, माल की गिनती की जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
जालौन। नगर से होकर दिल्ली से आने-जाने वाली स्लीपर बसों में राजस्व चोरी कर माल की ढुलाई का काम लंबे समय से चल रहा है। जीएसटी टीम ने गुरुवार की सुबह नगर से गुजर रहीं तीन निजी लग्जरी बसों को रोककर जांच की। बसों में बिना टैक्स दिए माल मिलने पर बसों को गल्ला मंडी परिसर में खड़ा कराया गया। टीम की मौजूदगी में माल की गिनती की जा रही है।
यात्रियों को परिवहन की सुविधा देने के साथ-साथ लग्जरी बसें गुपचुप तरीके से व्यापारियों का माल भी लाद लेती हैं। इससे बस संचालकों को अतिरिक्त आय होती है, जबकि व्यापारी बिना टैक्स दिए सस्ते दाम पर माल दिल्ली भिजवा देते हैं। यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
इसकी भनक लगने पर जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी एच शेखर और राज्य कर अधिकारी रामानंद टीम के साथ गुरुवार की सुबह से ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौराहे पर चेकिंग करने पहुंचे। जैसे ही दिल्ली से आने वाली स्लीपर बसें वहां से गुजरीं, उन्हें रोककर जांच की गई। इस दौरान तीन बसों में यात्रियों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार का माल भरा मिला।
प्रथम दृष्टया यह माल बिना जीएसटी पर्ची और बिना वैध दस्तावेजों के पाया गया, जिस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए बसों को कब्जे में ले लिया है। व्यापारियों की मानें तो इन बसों में अक्सर कपड़े, प्लास्टिक का सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और अन्य व्यापारिक माल दिल्ली से औरैया, जालौन, उरई, कोंच, राठ आदि स्थानों के लिए लाया जाता है।
राज्य कर अधिकारी रामानंद ने बताया कि अभी बसों में भरे गए माल की गिनती और जांच चल रही है। सभी पैकेटों को खोलकर देखा जा रहा है कि इनमें क्या-क्या सामान रखा गया है और उसका मूल्यांकन कितना है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
रास्ते में सवारियां उतारीं, हुए परेशान
जीएसटी की कार्रवाई में दिल्ली से आने वाली तीन स्लीपर बसों को पकड़े जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान बसों को गल्ला मंडी में खड़ा करा दिया गया और सभी यात्रियों को नगर में ही उतार दिया गया। यात्रियों का कहना था कि उन्होंने अपने गंतव्य राठ, हमीरपुर, उरई, कोंच, पनवाड़ी, महोबा और एट आदि स्थानों तक पहुंचने के लिए टिकट लिया था, लेकिन अब उन्हें दूसरे साधनों से जाना पड़ेगा। रात भर सफर करने के बाद अचानक से उन्हें बीच में ही उतार दिया गया। टीम ने यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की भी कोई व्यवस्था नहीं की।