भले ही उरई स्टेशन को मॉडल स्टेशन का दर्जा मिल गया हो, लेकिन उस मानक से
यात्री सुविधाएं अब तक उपलब्ध नहीं हो पाईं हैं। इसी बीच रेलवे के इलाहाबाद
जोन के महाप्रबंधक मंगलवार को उरई स्टेशन का निरीक्षण करने आ रहे हैं।
इसको लेकर सोमवार को दिन भर रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी स्टेशन को चमकाने
में जुटे रहे। रंगाई-पुताई से लेकर रजिस्टरों को दुरुस्त किया गया।
जीएम
के निरीक्षण के पहले उरई स्टेशन बदला-बदला नजर आया। यहां पर स्टेशन के
बाहर रातों-रात सड़क बनकर तैयार हो गई। स्टेशन के चारों और आवश्यक संकेतक
बोर्ड लग गए। स्टेशन के मुख्य द्वार पर लगा उरई स्टेशन का बोर्ड भी बदल गया
और उसकी जगह नया बोर्ड लगा दिया गया। स्टेशन पर लगे सभी पुराने बोर्ड
हटाकर नए लगा दिए गए। दिन भर
महत्वपूर्ण रजिस्टरों को दुरुस्त किया जाता
रहा। रजिस्टरों पर नए कवर भी चढ़ाए गए। इसके साथ ही स्टेशन पर जगह-जगह
पुताई हुई। कुर्सी, मेज से लेकर हर सामान की रंगाई, पुताई, धुलाई करके उसे
चमाचम कर दिया गया। खास ये
कि स्टेशन पर ट्रेनों की स्थिति की जानकारी के
लिए लगाए गए इलेक्ट्रानिक संकेतक अक्सर बंद रहते थे। सोमवार को यह संकेतक
भी काम करते दिखे। स्टेशन पर हालात यह रहे कि छोटे से कर्मचारी से लेकर
बड़े अधिकारी तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटे रहे।
दुरुस्त की गई रेलवे लाइन
रेलवे के महाप्रबंधक के निरीक्षण से पहले सोमवार को उरई स्टेशन पर रेलवे
लाइन दुरुस्त करने का काम भी पूरा कर लिया गया। सोमवार को ड्यूमैटिक मशीन
से स्टेशन की रेलवे लाइन चेक की गई और जहां-जहां कमियां थीं उन्हें दूर कर
दिया गया।
स्टेशन पर धमाचौकड़ी मचाए रहा सांड़
भले ही
जीएम के निरीक्षण को लेकर सोमवार को अधिकारी तैयारियों में जुटे रहे लेकिन
अव्यवस्थाएं कायम रहीं। सोमवार की दोपहर उरई स्टेशन पर एक सांड़ धमाचौकड़ी
मचाए रहा। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।