उरई। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ रही कक्षा छह की छात्रा की हालत बिगड़ गई। वार्डन ने उसे सीएचसी पहुंचाया। यहां गंभीर हालत होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, विद्यालय में एक और छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। इस पर उसे पीएचसी में भर्ती कराया गया है। जानकारी पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि वह दो दिन पहले ही उससे मिलने गए थे। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोटरा थाना क्षेत्र के भरसूड़ा गांव निवासी बृजमोहन की 11 वर्षीय पुत्री छाया का परिजनों ने अप्रैल माह 2024 में एट थाना क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पिंडारी में दाखिला कराया था। उसके साथ उसकी चचेरी बहन आस्था ने भी कक्षा छह में प्रवेश लिया था। शुक्रवार रात खाना खाने के बाद छाया सो गई। सुबह करीब चार बजे उसको तबीयत खराब लगी तो आस्था उसे वार्डन के पास ले गई।
इस पर वार्डन सुषमा स्वर्णकार ने उसे दवा खिलाई, लेकिन शनिवार सुबह उसकी फिर से तबीयत बिगड़ गई। इस पर उसे पीएचसी पिंडारी ले जाया गया। जहां गंभीर हालत होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां उसकी मौत हो गई।
जानकारी पर पहुंचे पिता ब्रजमोहन ने बताया कि वह दो दिन पहले ही छाया से मिलने आए थे। तब उसे कुछ नहीं था। बताया कि बेटी की हालत खराब हो गई, लेकिन विद्यालय स्टाफ ने परिजनों को किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी। वहीं, छात्राओं को जब जानकारी हुई तो उरई निवासी 14 वर्षीय गुनगुन की भी हालत बिगड़ गई।
इस पर उसे पिंडारी पीएचसी में भर्ती कराया गया। वार्डन ने बताया कि उसने छात्रा के परिजनों को कई बार फोन मिलाया, लेकिन किसी ने उनके फोन का जवाब नहीं दिया।
बीएसए चंद्रप्रकाश ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है। बच्ची की बीमारी से मौत हुई है, पोस्टमार्टम भी कराया जा रहा है, जो भी रिपोर्ट आएगी उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा को जब अस्पताल लाया गया तो वह अचेत अवस्था में थी। देखने पर लगा कि वह कई दिन से बीमार है।
-डॉ. कमलेश राजपूत, पीएचसी प्रभारी