संरक्षित खेती और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग ने दो दिवसीय
किसान मेले का आयोजन किया। इसमें किसानों को फलदार पौधे और शाकभाजी उगाने
की सलाह दी गई। इससे धरा पर हरियाली के साथ ही किसानों की कमाई भी होती
रहे। रबी हो या खरीफ की फसल औद्यानिक क्षेत्र में विकल्प है। मेले में फल,
फूल शाकभाजी के अच्छे उत्पादों का
प्रदर्शन किसानों ने किया। इस दौरान
किसानों को शासन की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। वहीं सबसे अच्छा उत्पादन
करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। मेले के समापन पर जागरूक
किसानों ने अपने अनुभव बांटे। अशोक सिंह ने कहा कि उन्होंने रसायनिक उर्वरक
का प्रयोग बंद करके गोबर व केंचुए के उर्वरक का प्रयोग किया तो
पैदावार
अच्छी रही। वह जैविक खाद को स्वयं तैयार करने लगे तो इससे रोजगार के साथ
अन्य किसानों को फायदा मिला। प्रगतिशील किसान मान सिंह राजपूत ने कहा कि
फूलों की खेती ने विषम परिस्थितियों में भी अच्छी रही। इसके बाद कृषि
वैज्ञानिक डा.एम के सिंह ने किसानों से कहा कि फल, फूल की खेती लाभकारी
साबित हो रही है। दवाओं का छिड़काव
बगैर जानकार की सलाह के न करने की
हिदायत भी दी गई। इसके बाद मेले में लगाए गए स्टालों पर पौध, फल संरक्षण
एवं औद्यानिक खेती संबधी जानकारियां दी गईं। तुलसी पौधशाला के
डायरेक्टर अमित द्विवेदी ने बताया कि आम, अमरूद एवं अन्य फलदार पौधे
किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे है। जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने
योजनाओं की क्रमवार
जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस समय किसानों के लिए
फलों की खेती में बहुत अवसर है। तीन वर्ष तक किसान को प्रोत्साहन राशि दी
जा रही है। इसका लाभ किसानों को लेना चाहिए। मृदा परीक्षण के मनोज कुमार ने
मिट्टी परीक्षण को
जरूरी बताते हुए कहा कि इससे मिट्टी में पोषक तत्वों की
कमी के बारे में जानकारी हो जाती है। इस दौरान उद्यान निरीक्षक एलके
अवस्थी, डा. आरके सिंह, डा. डीसी यादव, किसान नेता साहब सिंह चौहान,
राजवीरसिंह जादौन, लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी, बृजेश राजपूत, दीपू महाराज, के
अलावा अन्य अधिकारी व किसान मौजूद रहे।
ग्रीन हाउस में अमित व फल संरक्षण में कीर्ति सम्मानित
सामान्य
व औद्यानिक खेती के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले 10 किसानों को
सम्मानित कर उनको प्रोत्साहित किया गया। फल संरक्षण को इकाई की स्थापना
करने में कीर्ति सिंह को सम्मानित किया। पौधशाला स्थापना एवं ग्रीन हाउस
निर्माण में अमित द्विवेदी इतिहास को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा ककल्लू,
इंद्र प्रकाश, अमित निरंजन, कढ़ोरे, राममनोहर यादव, श्रीदयाल, पुष्पेंद्र
सिंह, रानी मुन्नी द्विवेदी जैसे किसानों को खेती किसानी में तरीका बदलने
और कुछ नया करने पर सम्मानित किया गया।