प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण करते एसडीएम
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प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बुरा हाल है। जमरोही खुर्द का प्राइमरी स्कूल तो ठेके पर चलाया जा रहा है। यहां प्रधानाध्यापक सहित दो टीचर तैनात हैं, लेकिन सहायक अध्यापिका महीनों से नदारद है। यहां गांव की ही एक युवती पढ़ाने आती है। उसे महीने का दो हजार रुपये मिलता है। यह बात एसडीएम के निरीक्षण में खुलकर सामने आई है। एसडीएम ने माना है कि मामला कई महीनों से खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक के संज्ञान में है। इसलिए खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
गुरुवार की सुबह एसडीएम मोईन उल इस्लाम ने ब्लाक कोंच के जमरोही खुर्द प्राइमरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। प्रधानाध्यापक रामजी यादव तो मौजूद मिले लेकिन सहायक अध्यापिका सुचेता यादव कई महीनों से नदारद हैं। उनके स्थान पर बीए की छात्रा साधना बच्चों को पढ़ा रही है। एसडीएम ने साधना से जब पूछा कि उसे कितना भुगतान मिलता है तो उसने बताया कि हर माह दो हजार रुपये सहायक अध्यापिका सुचेता यादव देती हैं।
एसडीएम ने बताया है कि उन्होंने 30 जनवरी 2017 को जब निरीक्षण किया था तब भी साधना ही पढ़ाती मिली थी, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में भी रोज ही फर्जी हाजिरी लग रही है। उस वक्त भी पूरी रिपोर्ट उन्होंने डीएम और बीएसए को भेजी थी। कोई कार्रवाई न होने पर एसडीएम ने माना कि सारा मामला खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक की लापरवाही का है। एसडीएम को स्कूल में बच्चों की संख्या भी काफी कम मिली। एसडीएम ने कहा है कि उन्होंने पूरी रिपोर्ट डीएम को भेजी है। बीईओ अजीत कुमार यादव से भी स्पष्टीकरण मांगा है।