आटा (जालौन)। चार दिन से गायब हुए किशोर का क्षत विक्षत शव पुलिस ने गांव के पास की स्थित नाले के पास से बरामद किया। शव मिलते ही कई थानों का फोर्स, एसओजी और फोरेंसिक टीम के साथ सीओ संजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे। शव को जानवरों ने भी बुरी तरह नोंचा था। सीओ ने बताया कि किशोर की हत्या उसके ही बालिग साथी ने की है, जिसे पकड़ भी लिया गया। मामला जुए की रकम और प्रेम प्रसंग का भी बताया जा रहा है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
आटा थाना क्षेत्र के परासन निवासी जयश्रीराम का 15 वर्षीय पुत्र मनोज 24 जून की शाम छह बजे से घर से लापता था। किशोर के गायब होने पर परिजनों ने गांव व रिश्तेदारी, परिजनों के यहां काफी खोजबीन की। जब किशोर का कहीं पता नहीं चला तो गुरुवार को जयश्रीराम ने थाना आटा पहुंचकर पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव का ही दीपक (20) पुत्र भगवानदास ही मनोज को अपने साथ बहला फुसला कर कहीं ले गया है। इस पर पुलिस ने दीपक के घर पर दबिश भी दी थी लेकिन दीपक अपने पिता से साथ फरार हो गया।
इसके बाद से पुलिस का शक दीपक पर और गहरा गया था। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने शुक्रवार की सुबह कचहरी के पास कालपी स्टैंड के निकट आरोपी दीपक को पकड़ लिया और उससे मनोज के बारे में पूछताछ की। पुलिसिया पूछताछ पर दीपक ने न सिर्फ हत्या की बात ही स्वीकार की बल्कि वह पुलिस को लेकर शव बरामद करने के लिए भी चल पड़ा।
पुलिस को लेकर परासन गांव के बाहर स्थित नाले पर ले गया और जहां पुलिस को मनोज का क्षत विक्षत शव मिला। सूचना पाकर एएसपी अवधेश सिंह, सीओ कालपी, फोरंसिक टीम व एसओजी व कदौरा, कालपी, चुर्खी व आटा थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया। आरोपी ने बताया कि वह 24 जून को मनोज को लेकर नाले के पास आया और ईंट से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी और शव को नाले के किनारे रेत में दफन कर दिया और उसके ऊपर एक भारी लकड़ी भी रख दी। जंगली जानवरों ने शव को क्षत विक्षत कर दिया।
कपड़ों व ताबीज से हुई शव की शिनाख्त
पुलिस के साथ पहुंचे मनोज के परिजनों ने जब क्षत विक्षत शव देखा तो पहले वो पहचान ही नहीं सके, लेकिन शव के कपड़ों और गले पर ताबीज को देख उन्होंने उसकी शिनाख्त मनोज के रुप में की। पिता और भाई तो नाले के पास ही बदहवास होकर गिर पड़े।
18 हजार की रकम बन गई मनोज की मौत
पुलिस सूत्रों की मानें तो मनोज को जुए की लत थी, 24 जून को भी वह दीपक व अन्य लोगों के साथ जुआ खेल रहा था, जिसमें उसने करीब 18 हजार की रकम भी जीती थी। इसी रकम को हड़पने के लालच में दीपक ने उसकी हत्या कर शव दबा दिया था।
मनोज की फाइल फोटो- फोटो : ORAI
मनोज के घर पर रोते बिलखते परिजन। - फोटो : ORAI