उरई। राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर सोमवार को जिले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। घेराव में शामिल होने जा रहे पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी श्याम सुंदर और पूर्व शहर अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया।
नजरबंद किए गए नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह सेंगर, शहर अध्यक्ष राजकुमार वर्मा समेत करीब कई कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर लखनऊ पहुंच गए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि वे कार्यकर्ताओं के साथ रेल के माध्यम से अलग-अलग टुकड़ियों में लखनऊ पहुंचे हैं। वहां से आगे की रणनीति बनाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन कदम उठाए गए हैं।