उरई। जिल में अग्निकांड की घटनाओं पर नियंत्रण व पीड़ितों को जल्द मुआवजे दिलाने के लिए शासन के निर्देश पर जिले में निगरानी समिति का गठन किया है। निगरानी समिति के अंतर्गत अग्निकांड की घटनाओं के लिए तहसील स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी नामिति किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि समिति के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में न सिर्फ संवेदनशील जगहों का चिह्नांकन करेंगे, बल्कि लोगों को जागरूक भी करेंगे।
बता दें गर्मी के साथ ही जिले में आगजनी की घटनाएं तेज हो गई हैं। आए दिन किसी न किसी क्षेत्र से आग की घटनाओं की सूचना मिलती है। साथ ही आग लगने के बाद हुए नुकसान की भरपाई (मुआवजे) के लिए पीड़ित को विभागों के अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते है। इससे पीड़ितों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मामले को संज्ञान में लेते हुए शासन के निर्देश जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने अपनी अध्यक्षता में एक निगरानी समिति का गठन किया है। उन्होंने बताया कि इस कमेटी में जनपद एवं तहसील स्तर पर एक एक नोडल अधिकारी नामित किए गए है।
निगरानी समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, अपर जिलाधिकारी सदस्य, जिला नोडल अधिकारी व सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी सदस्य है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में गत पांच वर्षो में अग्निकांडों से हुई क्षति का विश्लेषण करते हुए, अग्निकांड के लिए, अति संवदेनशील एवं संवेदनशील क्षेत्रों का चिह्नांकन करे। साथ ही इन क्षेत्रों में अग्निकांड से बचाव हेतु विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने अग्निकांड से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए।