नई मशीन लगाते समय विस्फोट होने से कुठौंद के विद्युत सब स्टेशन में आग लग
गई। थोड़ी ही देर में पावर हाउस धू-धूकर जलने लगा। आग लगने से मशीन लगा रहा
संविदाकर्मी झुलस गया। उसे स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। हालत नाजुक होने के
कारण उसे उरई रेफर कर दिया गया। सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड मौके पर
नहीं पहुंची। घंटों की
मशक्कत के बाद विभागीय कर्मचारियों व ग्रामीणों की
मदद से आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में पावर हाउस की सभी मशीनें जल
गई हैं। इससे विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बताया गया है कि
मशीनें संविदाकर्मी लगा रहा था जबकि इन्हें किसी टेक्निकल कर्मचारी या जेई
को लगाना चाहिए था। शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे
कुठौंद स्थित विद्युत सब
स्टेशन में अचानक आग लग गई। विद्युत सब स्टेशन से आग की लपटें बाहर तक
दिखाई दीं। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बताया गया है तीन नई मशीनें
मंगाई र्गइं थीं। हादसे के वक्त इन नई मशीनों को लगाया जा रहा था। इसी
दौरान मशीन चालू करने पर उसमें विस्फोट हो गया और पावर हाउस में आग लग गई।
मशीनें लगाने के काम में लगा संविदाकर्मी रोहित मिश्रा आग की चपेट में आकर
गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में संविदाकर्मी को सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र लाया गया जहां से उसे उरई रेफर कर दिया गया।
हादसे की सूचना
बिजली अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड को दी, पर कई घंटे बाद भी दमकल की गाड़ी
नहीं पहुंची। ग्रामीणों
व विभागीय कर्मचारियों ने जेसीबी से मिट्टी और पानी
डालकर घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस हादसे में विभाग को लाखों
रुपये का नुकसान हुआ है। बताया गया है कि संविदाकर्मी मशीनें लगा रहा था,
जिसे इस काम का
कोई अनुभव नहीं। नियमानुसार किसी टेक्निकल कर्मचारी या जेई
को इन मशीनों को लगाना चाहिए था। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण
यह हादसा हुआ। इसमें बड़े जानमाल की हानि होते बची। हादसे के बाद विभागीय
अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं।
जेई की लापरवाही पर बिफरे ग्रामीण
कुठौंद सब स्टेशन में तैनात जेई जितेंद्र कुमार यादव की लापरवाह कार्यशैली
को लेकर भी ग्रामीण बिफर गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना जेई को
देने का प्रयास किया, पर उनका मोबाइल बंद मिला। कई घंटे बाद जेई मौके पर
पहुंचे। इसे लेकर ग्रामीण नाराज नजर आए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जेई
अक्सर अपना सरकारी मोबाइल नंबर बंद रखते हैं। अगर उन्हें बिजली संबंधी कोई
जानकारी लेनी होती है तो मोबाइल बंद होने के कारण जेई से संपर्क तक नहीं हो
पाता।
अंधेरे में डूबे सौ गांव, छह नलकूप ठप
कुठौंद पावर हाउस में आग लगने से पूरी मशीनरी जल गई है। इस पावर हाउस से
करीब सौ गांवों में बिजली सप्लाई होती है जो घटना के बाद ठप हो गई है। इसके
अलावा छह नलकूप भी बंद हो गए हैं। बिजली के लिए ग्रामीणों को करीब एक
सप्ताह से ज्यादा समय का इंतजार करना पड़ सकता है।
पावर हाउस में आग
लगने से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान तो हुआ ही, साथ ही हजारों
ग्रामीणों की मुसीबतें भी बढ़ गई हैं। मशीनें जल जाने के कारण कई गांव
अंधेरे में डूब गए हैं। साथ ही पावर हाउस से जुड़े छह नलकूप भी ठप हो गए
हैं। बताते चलें कि इन दिनों मौसम गरम होने के कारण किसानों को फसलों में
पानी लगाने की जरूरत पड़ रही
है। ऐसे समय में बिजली न आने से किसानों को
काफी नुकसान हो गया। इस हादसे के बाद फसल चौपट होने की आशंका बढ़ गई है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक फिर से नई मशीनें लगाकर सप्लाई शुरू करने
में करीब एक
सप्ताह से ज्यादा का समय लग जाएगा। तब तक किसानों को फसलों में
पानी लगाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में किसानों की
मुसीबतें और भी बढ़ने वाली हैं।