उरई। जिले में लगातार टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।
करीब बीस दिन पहले ट्रक चालक के साथ हुई लूट व महिला के साथ हुई टप्पेबाजी से हरकत में आई पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। मंगलवार की रात पुलिस ने कार सवार दो महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से नकदी के साथ साथ अन्य उपकरण भी बरामद हुए हैं। एसपी ने मामले का खुलासा किया है।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के मिहौना कट के पास 29 मार्च को ट्रक चालक के साथ अज्ञात लोगों ने मारपीट कर उसके ऊपर चाकू से हमला कर दिया था। इसके बाद आरोपी उसकी जेब में पड़े 13 हजार रुपये लूट कर भाग गए थे। 30 मार्च को कोंच चौराहे के पास जा रही महिला को ईको कार सवार कुछ लोगों ने उसमें बैठा लिया था और उससे 35 हजार रुपये लूट लिए थे। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए एसपी ने खुलासे के लिए एसओजी, सर्विलांस व कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम को लगाया था। मंगलवार की रात पुलिस को सूचना मिली कि एक ईको कार से कुछ संदिग्ध किसी वारदात को अंजाम देने के लिए घूम रहे हैं।
इस पर कोतवाल अजीत सिंह ने टीम के साथ चेकिंग लगा दी। तभी एक ईको कार वहां से गुजरी तो पुलिस ने उसे रोका, लेकिन वह भागने लगे। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम हापुड़ जिले के जोगीपुर थाना कोतवाली देहात निवासी संजय उर्फ टिंकू, राजू बेलदार, करन जाटव, महिला कृपाली व रूबी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सभी आपस में रिश्तेदार हैं। गिरोह बनाकर लूट, टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। पुलिस को तलाशी में उनके पास से एक ईको कार, दो कान के बाले, एक मंगलसूत्र, दो तमंचा, कारतूस, मोबाइल, 29,900 रुपये, सूटकेस की 15 चाबियों का गुच्छा, प्लास, पेचकस, सात फेवीक्विक, तीन ताबीज काले धागे, एक इत्र की सीसी, उर्दू भाषा में लिखी व आकृति बनी हुई नौ छोटी बड़ी कागज की पर्ची मिलीं।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि सभी आरोपी मेरठ, हापुड़, हाफिजपुर, बहादुरगढ़, गाजियाबाद, मथुरा, झांसी जिले में लूट, टप्पेबाजी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। संजय उर्फ टिंकू पर आठ, राजू बेलदार पर पांच, करन जाटव पर पांच, महिला कृपाली पर दो व रूबी पर दो मुकदमा दर्ज हैं। एसपी ने टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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घर की महिलाओं को रखते थे साथ में कि लोग झांसे में फंसे
उरई। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह महिलाओं को घटना में इसलिए शामिल करते थे कि लोग कार में महिलाओं को देखकर कुछ शंका न करें। सवारियां महिलाओं को देखकर बैठ जाती थीं और इसके बाद वह उन्हें अपना शिकार बना लेते थे। इसके बाद सभी लोग मिलकर लूटे गए माल का आपस में हिस्सा बांट लेते थे।