जालौन। क्षेत्र के जालौन-बंगरा मार्ग पर गुरुवार रात वाहन की टक्कर से सड़क पर बैठी पांच गायों की मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क पर मृत पड़ी गायों को देखा तो उन्हें सड़क से हटाया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से जानवर सड़कों पर बैठे रहते है। एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी की जा रही है।
प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी जिले की सड़कें अन्ना से मुक्त नहीं हो पा रही है। गुरुवार रात बंगरा-जालौन मार्ग स्थित छिरिया सलेमपुर में अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठी गायों को टक्कर मार दी थी। जिससे पांच गायों की मौत हो गई है। सुबह ग्रामीणों ने जब सड़क पर पड़ी मृत गायों को देखा तो उन्हें सड़क से हटवाया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन गोशालाओं का निर्माण तेजी से नहीं करा रहा है, जिससे जहां हादसे हो रहे हैं वहीं सड़कों पर बैठने से इन जानवरों की जान भी खतरे में बनी रहती है।
बता दें कि अभी हाल ही में प्रभारी मंत्री नीलिमा कटियार ने जिले के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए थे कि जिले में सड़कों पर घूमते अन्ना जानवरों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। उन सड़कों को चिह्नित किया जाए, जहां पर अन्ना मवेशी बैठते है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर सड़कों पर अन्ना दिखे तो जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में अन्ना जानवर सड़क पर नहीं दिखना चाहिए, लेकिन मंत्री की चेतावनी के बाद भी जिला प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे अभी भी जिले की सड़कों में अन्ना का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे आए दिन सड़कों पर अन्ना मबेशियों की वजह से सड़क हादसे की घटनाएं होती रहती हैं। अन्ना की वजह से हुए हादसों में कई वाहन चालकों की मौतें भी हो चुकी हैं, जबकि कई अस्पतालों में भर्ती हैं।