उरई/जालौन। आसमान से बरस रही आग से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सोमवार के तापमान की बजाय मंगलवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। अधिकतम पारा 44 डिग्री और न्यूनतम पारा 30 डिग्री सेल्सियस हो गया है। ऐसे में दिन हो या रात लोग व्याकुल है। भीषण गर्मी के चलते दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है।
मई माह में गर्मी का इतना अहसास होगा, कोई इसकी कल्पना नहीं कर रहा था। मई माह में ही जून जैसी भीषण गर्मी होने के चलते आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। एक ओर जहां इस भीषण गर्मी से पशु, पक्षी बेहाल हैं, तो वहीं आम आदमी भी अपने घरों में दुबके हुए है। कोई जरूरी अथवा अन्य विशेष कार्यों से ही जो लोग घरों से निकल रहे हैं। मनुष्य ही नहीं पशु पक्षी भी इस गर्मी में बेहाल नजर आ रहे हैं। दोपहर में पशु पक्षी भी छाया तलाशते नजर आते हैं। तेज धूप व भीषण गर्मी के चलते लोग घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं।
दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है। बाजार में भी भीड़ भाड़ नजर नहीं आती है। जरूरी सामान के खरीदार ही बाजार में नजर आते हैं। लोग अपने बच्चों को भी घरों के बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। शाम के समय जब धूप का असर कुछ कम होता है तब ही लोग अपने घरों के बाहर निकलते हैं। नगर के अनिल कुमार, मनोज गुप्ता, जहांगीर आलम आदि कहते हैं मई माह में ही जून जैसा अहसास हो रहा है। अभी तो जून माह भी पड़ा है। आगे तापमान और कितना बढ़ेगा कहा नहीं जा सकता है।