थाना क्षेत्र के हैदलपुरा स्थित दो घरों में सिलेंडर से आग लग गई। आग से घरों में रखा लाखों रुपये के सामान, कपडे़ और नगदी जलकर राख हो गई। आग की चपेट में आकर महिला समेत तीन लोग झुलस गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर ग्रामीणों ने काबू पाया। सूचना देने के बाद भी दमकल नहीं पहुंचने से लोगों में रोष दिखा।
हैदलपुरा गांव निवासी अमर सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर उसके यहां रिश्तेदार आए थे। पत्नी जलदेवी उनके लिए चाय बना रही थी। गैस सिलेंडर लीक होने से आग लग गई। महिला कुछ समझ पाती, इसके पहले आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगी देख घर में हड़कंप मच गया। अमर सिंह बच्चों और पत्नी को लेकर बाहर की तरफ भागे। जब तक आग बुझातेे, इसके पहले आग ने पड़ोसी ओमप्रकाश के घर को भी चपेट में ले लिया। इस वजह से ओमप्रकाश का छप्पर और कपडे़ जलकर राख हो गए।
आग को देख वहां पर अफरा तफरी मच गई। लोगों की भीड़ भी लग गई। किसी तरह लोगों ने दमकल को सूचना देकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। लोगों ने करीब दो घंटे की मेहनत के बाद इस पर काबू पाया, तब तक घर में रखा अनाज, कपडे़ व 20 हजार रुपये जलकर राख हो गए। इस दौरान आग बुझाने के चलते महिला जल देवी के अलावा पड़ोसी अजय, वीरेंद्र व देवेंद्र भी झुलस गए। तीनों को ग्रामीणों ने आग बुझाने के बाद नजदीक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।
नहीं पहुंचे अफसर, न ही आए लेखपाल
दो घरों में आग लगने की सूचना पर न तो विभागीय अधिकारी पहुंचे और न ही लेखपाल। इस वजह से आग लगने से हुए नुकसान का आंकलन नहीं हो सका, लेकिन इतना जरूर है कि आग से डेढ़ से दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
अमर सिंह के पास खाने के लाले
अमर सिंह ने बताया कि आग से घर में रखा अनाज और खाने-पीने का अन्य सामान जलकर राख हो गया है। अब परिवार के सामने खाने के लाले पड़ गए हैं। न तो प्रधान उनकी सुध लेने केे लिए पहुंचे और न ही लेखपाल।
मदद केे लिए आगे आए ग्रामीण
आग से अमर सिंह के घर से सारा सामान जल गया। विपदा की इस घड़ी में ग्रामीणों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए। इतना ही नहीं, अमर सिंह, उनकी पत्नी व बच्चों के लिए खाने, पीने का सामान भी जुटाया। ग्रामीणों का कहना है कि वह अमर सिंह की मदद के लिए तत्पर हैं।