उरई/कोंच/कदौरा। लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर पराली जलाने वाले किसानों पर डंडा चलाना शुरू कर दिया है। सेटेलाइट से ली गई फोटो के आधार पर जिले की कोंच व कालपी तहसील में पराली वाले 17 किसानों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया गया है। इसमें कदौरा में 8 व कोंच में नौ किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि हाल ही में शासन ने पराली जलाने के मामले में कुछ जनपदों के डीएम को नोटिस जारी किया गया है। इसमें जनपद भी शामिल है। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार ने बताया कि पराली जलाने पर रोकत लगाने के लिए प्रशासन ने सेटेलाइट की भी मदद ली है। सेटेलाइट से मिले साक्ष्यों के आधार पर ही किसानों पर एफआईआर की कार्रवाई की गई है।
बता दें कि स्वच्छ वातावरण के लिए प्रदेश सरकार ने किसानों के खेतों में खड़े डंठलों पर आग लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन कुछ किसान रोक के बाद भी डंठलों पर आग लगाने से बाज नहीं आ रहे है। जिस पर शासन ने आग लगाने वाले किसानों को चिह्नित करने के लिए सेटेलाइट कैमरे से ली गई तस्वीरों को जिलाधिकारी डॉक्टर मन्नान अख्तर को भेज कर चिह्नित किसानों के खिलाफ मामला दर्ज कराने का निर्देश दिए है। जिसके बाद जिलाधिकारी ने क्षेत्र के सभी लेखपाल को सक्रिय किया।
सोमवार को लेखपाल शिवमंगल पाठक ने कुशमरा बावनी में छह किसानों को चिह्नित किया और उनके खिलाफ पुलिस को नामजद तहरीर दी है। वहीं पंडौरा लेखपाल दयाशंकर ने पंडौरा के दो किसानों के खिलाफ तहरीर दी है। कदौरा थाना पुलिस ने सभी आठ किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। कोंच प्रतिनिधि के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के तीन और कैलिया थाना क्षेत्र के छह दर्ज किए गए।
पुलिस के अनुसार ग्राम गेंदोली निवासी रामखिलावन पुत्र गिरधारी लाल के दस बीघा की कटी फसल के अवशेष में आग लगाई गई थी, ग्राम घुसिया निवासी मुलायम सिंह ने भी पाराली जलाई थी। मामले पर जांच के बाद सभी के खिलाफ मुकदर्मा दर्ज कराया गया है। तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है सभी पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
कदौरा में इन किसानों पर दर्ज हुआ मामला
बावनी के किसान मिर्चीन, चूरामन, महेश प्रसाद, किशन चन्द्र, विकास कुमार, रामआसरे, वहीं पंडौरा गांव में संतोष व राम कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इन धाराओं में हुई कार्रवाई
कदौरा थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि धारा 188 व 278 में प्रदूषण फैलाना और धारा 290 व 291 सरकारी आदेश की अवहेलना करना।
यह है जुर्माना
दो एकड़ वाले किसानों से 2500 रुपये, पांच एकड़ से ऊपर वाले किसानों से 5 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा बड़े किसानों से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ का जुर्माना वसूला जाएगा।