कोंच। कैलिया के खूनी संघर्ष में पुलिस ने प्रधान पक्ष के दस लोगों के खिलाफ भी डकैती के साथ हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज किया है। जिससे कस्बे में तनाव और बढ़ गया है। वहीं मारपीट और फायरिंग के मामले में घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। रविवार देर रात सर्किल के कैलिया गांव में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष के बाद गांव में मंगलवार को तीसरे दिन भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। मौके पर कई थानों की पुलिस व क्यूआरटी तैनात की गई है।
बता दें कि रविवार की रात 19 लोगों को पुलिस ने पकड़ा था, उन्हें मंगलवार को जेल भेज दिया गया है। इधर, सोमवार की देर शाम थाना पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर पर दस लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और डकैती सहित अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अभी तक फिलहाल किसी की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर सकी है। रामशरण सिंह पुत्र बहोरन की तहरीर पर प्रधान हरीमोहन, अनिल कुमार पुत्रगण ठाकुर दास, सूर्यांशु , राजकुमार, कन्हैया लाल पुत्रगण कालीचरन, खुमान सिंह पुत्र जमुना प्रसाद, संजीव पुत्र कन्हैया लाल, बालकराम, ठाकुर दास व कपिल के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ राहुल पांडे ने बताया है कि गांव में ऐहतियातन पुलिस बल लगाया गया है औैर एक-एक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। दिन में नदीगांव और रात में रेंढर की फोर्स के अलावा क्यूआरटी को भी लगाया गया है।
वकील के खिलाफ कार्रवाई से रोष
कोंच। रविवार की रात कैलिया खूनी संघर्ष में जिन उन्नीस लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है उसमें एक वकील रामवीर सिंह पुत्र महेंद्र सिंह भी शामिल हैं। वकील को डकैती जैसी धाराओं में जेल भेजनेे को लेकर साथी वकील काफी गुस्से मेें है। मंगलवार को बारसंघ की आकस्मिक बैठक बुला कर एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। एसपी को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई। पत्र पर बारसंघ अध्यक्ष नवलकिशोर जाटव, महामंत्री रामलखन कुशवाहा, रामकुमार खरे, नरसिंह गहरवार, प्रमोद गुप्ता, संतोष खरे, राघवेंद्र आनंद विदुआ आदि के हस्ताक्षर हैं।