उरई। महंगाई, बिजली-पानी और अन्य जनसमस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से किए गए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर समेत 50 नामजद और करीब 200 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ उरई कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की है। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति के प्रदर्शन किया गया, जिससे माहौल खराब करने की कोशिश की गई। वहीं जिलाध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने पहले ही इसकी अनुमति ले ली थी।
देश में लगातार कीमतों में हो रहे इजाफे को लेकर सोमवार को सपा कार्यकर्ता जुलूस निकालते हुए सड़कों पर उतर आए और कलक्ट्रेट परिसर तक पहुंचकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया था। जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन में सैंकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हो गए थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने से यातायात प्रभावित हुआ और आम लोगों के साथ-साथ एंबुलेंस एवं परीक्षार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस पर चौकी प्रभारी जेल विवेक कुमार की तहरीर पर पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर, सुरेंद्र यादव बजरिया, ज्ञानू निरंजन, पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत, लाखन सिंह कुशवाहा, परमात्मा शरण त्रिपाठी, बबलू अहिरवार, महेंद्र कठेरिया, प्रदीप दीक्षित, तिलक चंद्र अहिरवार, वेद यादव, जमालुद्दीन, सिद्धार्थ यादव, वेद प्रकाश यादव, प्रमोद सविता, दशरथ पाल, संदीप यादव, विजय कुशवाहा, कृष्ण गोपाल यादव, वीरेंद्र सिंह यादव, अतर सिंह राठौर, विवेक यादव, शबीउद्दीन, बफाती, मान सिंह पाल, अजय चौधरी, बब्बू राजा चौधरी, महिला जिलाध्यक्ष कुसुम सक्सेना, रिषभ द्विवेदी, शशिकांत, गौरीश द्विवेदी, शिखर यादव, सौरभ यादव, मोहम्मद फैयाज, रामबाबू जोशीला बरार, अमित सागर, राजू महाराज, माता प्रसाद पाल, पप्पू मिश्रा, प्रमोद विश्वकर्मा, रामकुमार राजावत, बृजेंद्र कुमार दोहरे, मयंक जाटव, कौशल प्रजापति, मोहिता वाल्मीकि, नैतिक, कमलेश राठौर, आशुतोष दुबे, रामेंद्र त्रिपाठी सहित दो सौ अज्ञात महिला व पुरुष कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में कहा गया है कि इन लोगों ने जनपद में धारा 163 बीएनएसएस लागू होने के बावजूद बिना अनुमति जुलूस और प्रदर्शन किया गया। पुलिस ने वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
वर्जन
धारा 163 के उल्लंघन और बिना अनुमति जुलूस निकालने के आरोप में कार्रवाई की गई है। जांच की जा रही है। - विनय कुमार सिंह, एसपी जालौन।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर मुकदमा दर्ज करना लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास : दीपराज गुर्जर
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने प्रेसवार्ता में प्रशासन और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद 50 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
दीपराज गुर्जर ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने 6 जून को सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र देकर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। इसके बाद कार्यकर्ता आधी सड़क खाली छोड़कर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, फिर भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दे उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर हुए आंदोलन में अन्य संगठनों और भाजपा नेताओं की मौजूदगी रही, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी प्रकार सांसद कार्यालय के सामने टेंट लगाकर प्रदर्शन किए जाने के बावजूद संबंधित लोगों पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि कानून का पैमाना अलग-अलग क्यों अपनाया जा रहा है।
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि माधौगढ़ में प्रीपेड मीटर के विरोध में आंदोलन करने वाले लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं कांग्रेस द्वारा महंगाई के मुद्दे पर किए गए प्रदर्शन के बाद भी मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनहित के मुद्दों को उठाना जारी रखेगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
सांसद पर प्राथमिकी दर्ज करने से बचा प्रशासन
उरई। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान जालौन गरौठा भोगनीपुर से सपा सांसद नारायण दास अहिरवार शामिल रहे लेकिन कई कार्यकर्ताओं के नाम तो प्राथमिकी दर्ज करा दिए गए लेकिन उनके नाम न लिखने की चर्चा जिले में होती रही। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने चुन चुन कर लोगों के नाम लिखे हैं और ऐसे व्यक्तियों के नाम लिखने में सावधानी बरती है, इससे माहौल खराब न हो। फिलहाल सपाइयों पर प्राथमिकी दर्ज होने की बात चर्चा का विषय बनी रही। (संवाद)
फोटो - 24 जानकारी देते सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर। संवाद