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Jalaun News: 250 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई...मेट बर्खास्त, कार्य शून्य घोषित

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बीडीओ की जांच में मौके पर नहीं मिला एक भी मजदूर
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तालाब पर पसरा था सन्नाटा, फर्जी ढंग से कर दिया गया था मजदूरी का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
माधौगढ़ (जालौन)। क्षेत्र की ग्राम पंचायत गालमपुरा स्थित अमृत सरोवर में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। तालाब की खोदाई और सफाई कार्य के नाम पर 250 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर सरकारी धन हड़पने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने मौके पर जांच की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर न तो कोई मजदूर मौजूद मिला और न ही किसी प्रकार का काम होते दिखाई दिया। मामले को गंभीर मानते हुए खंड विकास अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित मेट की सेवा समाप्त कर दी व पूरे कार्य को शून्य घोषित कर दिया। मामले में 14 दिन की मजदूरी का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
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ग्राम पंचायत गालमपुरा में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत तालाब की खोदाई एवं सफाई कार्य मनरेगा के तहत कराया जाना दर्शाया गया था। कार्य के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) एप के माध्यम से बड़ी संख्या में मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति भी दर्ज की गई थी। रिकॉर्ड में प्रतिदिन सैकड़ों मजदूरों के कार्य करने का विवरण फीड किया गया जबकि ग्रामीणों को मौके पर कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी।
इस पर ग्रामीणों ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की। इसके बाद अधिकारियों ने जब अमृत सरोवर स्थल का निरीक्षण किया तो वहां पूरी तरह सन्नाटा पसरा मिला। न तो मजदूर काम करते दिखाई दिए और न ही खोदाई या सफाई कार्य के कोई ताजा निशान मिले। जांच में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन हाजिरी और वास्तविक स्थिति में भारी अंतर था। इससे मनरेगा कार्यों में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान निकालने की आशंका और गहरा गई।
खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा ने जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता मिलने पर संबंधित मेट संतोषी देवी की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई। इसके साथ ही जिस कार्य को रिकॉर्ड में संचालित दिखाया गया था उसे पूरी तरह शून्य घोषित कर दिया गया। प्रशासन अब पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच करा रहा है।
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ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा ने कहा कि मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा या सरकारी धन के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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