उरई। नगर पालिका कालपी द्वारा वार्ड नंबर 5 में लगभग 9 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही इंटरलॉकिंग सड़क में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने निरीक्षण में पाया कि सड़क निर्माण में जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) का प्रयोग ही नहीं किया गया है। इस पर नाराज डीएम ने तत्काल आदेश दिया कि इंटरलॉकिंग को उखाड़कर प्राक्कलन के अनुसार जीएसबी डालकर सड़क का निर्माण दोबारा कराया जाए।
जिलाधिकारी ने एसडीएम और ईओ को सख्त निर्देश दिए कि नगर में चल रहे सभी निर्माण कार्यों का नियमित रूप से निरीक्षण करें और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न होने पाए। साथ ही सभी पूर्ण हो चुके कार्यों पर सीआईबी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि जनता को निर्माण की पूरी जानकारी मिल सके। निरीक्षण के दौरान चेयरमैन अरविंद यादव, एसडीएम मनोज कुमार, अधिशासी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।