उरई। गैर इरादतन हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने पिता पुत्रों समेत पांच को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई। 36-36 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
सिरसा कलार थाना क्षेत्र के जखा गांव निवासी चतुर सिंह ने 13 मार्च 2024 को पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि गांव के ही राजू चौहान व उसके पुत्र शिवम, सत्यम, किशन व पप्पू ने 12 मार्च की शाम खेत के विवाद को लेकर उसके पिता परशुराम व पुत्री नेहा के साथ एकराय होकर मारपीट कर दी। मारपीट में उसे भी चोटें आई थीं। 13 मार्च को राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान परशुराम की मौत हो गई थी। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। एक साल चले ट्रायल के बाद सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों, बयान और सबूतों के आधार पर जिला जज अचल सचदेव ने शुक्रवार को गैर इरादतन हत्या में दोषी पाते हुए राजू चौहान, पप्पू, शिवम, सत्यम, किशन को सात सात वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 36 -36 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।