सिरसा कलार। गेहूं की फसल सूखने की कगार पर पहुंचने से नाराज किसानों ने रविवार को तरसौर रजवाहे में फुलगेज पानी छोड़ने की मांग को लेकर नहर विभाग के अधिकारियों को घेर लिया। किसानों ने पांच दिन का अल्टीमेटम दिया कि पांच मार्च तक रजबहे में पूरा पानी नहीं छोड़ा गया तो वे सड़क जाम करने के लिए मजबूर होंगे।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के तहसील अध्यक्ष अजय पाल सिंह के नेतृत्व में मलथुआ, भिटारी, मिसुरपुरा, दमरास, जहटौली, गहपुरा सहित आधा दर्जन गांवों के किसान भिटारी पुल पर एकत्र हुए। किसानों का कहना है कि वे 10 फरवरी से तरसौर रजबहे में फुलगेज पानी चलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नहर विभाग के अधिकारी टालमटोल करते रहे।
मौके पर नहर द्वितीय के एसडीओ जितेंद्र सिंह और जेई संतोष कुमार पहुंचे। किसानों ने उन्हें खेतों में खड़ी सूखती गेहूं की फसल दिखाते हुए कहा कि सिंचाई के अभाव में भारी नुकसान की आशंका है। किसान नेता अजय पाल सिंह ने बताया कि नहर द्वितीय के एक्सईएन सीपी सिंह ने जल्द ही रजबहे को फुलगेज चलाने का आश्वासन दिया है।
किसानों ने रजबहे पर बने सैफन के पास पुलिया के दोनों ओर मिट्टी न होने से वाहनों के पलटने का खतरा और कट से पानी बेकार बहने की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी।
जेई जितेंद्र कुमार ने बताया कि किसानों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनी गई हैं। नहर मुख्य लाइन पर फुलगेज चल रही है, लेकिन ऊपर के किसानों द्वारा अधिक पानी लेने से रजबहे में कम पानी पहुंच रहा है। चार दिन के भीतर रजबहे में फुलगेज पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान सतेंद्र सिंह भदौरिया, चंद्रपाल गुर्जर, गोविंद प्रजापत, रामधनी, सोनू, फूल सिंह, रामजी, तेज सिंह आदि मौजूद रहे।
फोटो-25-तरसौर रजवाहे पर किसानों के साथ नहर विभाग के अधिकारी। स्रोत-ग्रामीण