मृतक किसान पूरन साहू की फाइल फोटो
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कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक किसान के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
लगातार तीन वर्षों से लगातार दैवी आपदा की मार झेल रहे किसानों का धैर्य टूटता जा रहा है। वहीं, इस बार फरवरी में हुई ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो जाने से किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। कोतवाली के ग्राम लहचुरा के किसान मोहित साहू ने बताया कि उसके पिता पूरन साहू (48) पुत्र रामनाथ ने बुधवार रात्रि घर के पास बने बाड़ा में जाकर छत के कुंडे में रस्सी फंसाकर आत्महत्या कर ली। फांसी लगाने का कारण पूछने पर बताया कि मेरे पिताजी बल्कट पर 50 बीघा खेती जोते हुए थे और इस पर उन्होंने साहूकारों से चार से पांच लाख रुपये कर्ज ले रखा था।
इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड से भी उन्होंने दो लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। फरवरी में ओलावृष्टि होने से उनकी पूरी फसल नष्ट हो गई है। बची फसल की मड़ाई करने के बावजूद उनका कर्ज नहीं चुका। इससे वह परेशान रहते थे। बैंक का नोटिस तथा साहूकारों को कर्ज चुकाने को लेकर वह दिन रात सोचते रहते थे।
आखिरकार तंग आकर उन्होंने बुधवार रात्रि में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पूरन की 80 वर्षीया माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। उधर, सूचना मिलते ही तहसीलदार एमएल सरोज ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।