पत्रकारों से वार्ता करते दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हैदर अली खां
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प्रत्येक वर्ष उरई के अंबेडकर चौराहे पर होने वाला पदम शाह बाबा का उर्स ऐतिहासिक कार्यक्रम है। इसे और बुलंदियों पर ले जाने के लिए उर्स को सरकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यह बात दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य व सपा के प्रदेश सचिव हैदर अलीर खां ने बुधवार को अंबेडकर चौराहे पर पदम
शाह बाबा की मजार पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। अजमेर शरीफ जा रहे हैदर अली खां ने उरई में पदम शाह बाबा की मजार पर मत्था टेका। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं व मांगों से रूबरू हुए। इसके बाद पत्रकारों से कहा कि पदम शाह दरगाह हिंदू-मुस्लिम एकता की प्रतीक है। हर साल मजार पर होने वाला उर्स
ऐतिहासिक है। इसे सरकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आजम खां ने मुस्लिम व दलितों के हाथ में कलम थमा दी है और उन्हें
समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए उनका विरोध हो रहा है। इस मौके पर उर्स कमेटी के अध्यक्ष आरिफ कादरी, मुूमताज रहमानी, बच्चू महाराज, इबादत अली, मुन्ना, छोटू आदि मौजूद रहे।