कदौरा। थाना क्षेत्र के ग्राम मरगांया में सुबह तब हड़कंप मच गया। जब मवेशियों को एक गोशाला से निकाल कर दूसरी गोशाला में बंद करने के लिए ग्रामीण आपस में ही भिड़ गए। गालीगलौज के बाद किसानों में मारपीट होने ली । इसी बीच किसी नेे इसकी सूचना उपजिलाधिकारी कौशल कुमार को दी। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर कदौरा पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराया। प्रधान उदयभान की तहरीर पर थाना पुलिस ने दो दर्जन ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
गौरतलब है कि थाना क्षेत्र के ग्राम मरगांया में तीन गोशालाएं संचालित हैं, दो दिन पूर्व बीडीओ अतिरंजन सिंह ने गांव की गोशालाओं का निरीक्षण किया था। जिसमें तीनों गोशालाओं में मवेशियों की संख्या क्षमता से काफी कम पाई गई थी। इस पर बीडीओ ने प्रधान उदयभान व सचिव वंदना सिंह को निर्देश दिए थे, कि जिस गोशाला में मवेशियों की संख्या सबसे कम हैं, उसके मवेशी निकालकर दो अन्य गोशालाओं में बंद करा दिए जाएं और एक गोशाला को बंद कर दिया जाए।
निर्देश के बाद मंगलवार को प्रधान व सचिव के साथ कुछ ग्रामीण मवेशियों को निकालकर दूसरी गोशाला ले जा रहे थे, तभी दूसरी गोशाला के पास रहने वाले ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इसके लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। मामला वादविवाद से शुरू होकर हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान प्रधान से भी कुछ ग्रामीणों ने अभद्रता कर दी, जिससे ग्रामीणों में मारपीट होने लगी। तभी किसी ने एसडीएम को सूचना दे दी। एसडीएम के निर्देश पर मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने मामले को शांत कराया। इसके बाद प्रधान व ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर कुछ लोगों के खिलाफ तहरीर दी। प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने दिलीप, ओमप्रकाश, रामनाथ, रामकिशुन, घसीटा सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है
अन्ना मवेशियों ने चट की 12 बीघा फसल
अन्ना मवेशियों ने मरगांया गांव के किसान भानुप्रताप की तीन बीघा मटर, दयाशंकर की दो बीघा मटर, सोनू सिंह की तीन बीघा गेहूं व गौरीशंकर की चार बीघा मटर की फसल चर ली।
पार्टी बंदी को लेकर है गांव में विवाद
ग्राम प्रधान उदयभान ने बताया कि पार्टी बंदी को लेकर ग्रामीण गोशाला में सहयोग नहीं करते है, जबकि घरेलू पशुपालक अपने मवेशियों को खुला छोड़ देते है, विरोध पर आए दिन विवाद की स्थित उत्पन्न होती है।