पिता कृष्ण कुमार के साथ श्याम।
- फोटो : अमर उजाला
जिले केछोटे से गांव भुआ में किसानी करने वाले कृष्ण कुमार तिवारी के बेटे श्याम ने यूपीएसईई की यूपीएमसीए की परीक्षा में देश में तीसरी रैंक हासिल की है। बेटे की सफलता पर पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटे को पढ़ाने के लिए किसान पिता बिजली मिस्त्री का भी काम करते हैं। श्याम ने बताया कि उसकी कामयाबी में पिता ने कड़ी मशक्कत की है। वह गेम डेवलपर बनना चाहता है।
उरई स्थित शहीद भगत सिंह कॉलेज से स्नातक करने वाले श्याम ने बताया कि उसने कानपुर में रहकर यूपीएमसीए की तैयारी की है। उसे माता-पिता की तकलीफों का एहसास है। श्याम के मुताबिक पेपर अच्छे हुए थे, उसे विश्वास था कि वह टॉप फाइव में जरूर आएगा।
अब वह इंजीनियर बनकर माता-पिता की तकलीफों को दूर कर उनके सपनों को साकार करेगा। श्याम का मानना है कि देश में परिवर्तन तेजी से आ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका प्रभाव दिख रहा है। श्याम ने बताया कि छोटी बहन ऋचा बीए की पढ़ाई कर रही है। श्याम की सफलता पर ओमजी और यश पांडे ने उसे मिठाई खिलाकर खुशी जताई।
पत्नी ने भी निभाया बखूबी साथ
स्वभाव के संकोची श्याम के पिता कृष्ण तिवारी बेटे के साथ बैठने से भी हिचकिचा रहे थे। खुशी से नम आंखों को पोंछते हुए बताया कि बेटे की सफलता के लिए उसकी मां त्रिवेणी ने भी खूब साथ दिया। एक दो मौके ऐसे भी आए जब लगा कि बेटे की पढ़ाई रोकनी पड़ेगी, तब पत्नी ने सहारा देते हुए कहा कि चाहे कुछ भी करना पड़े, श्याम की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए। उसका यही हौसला हिम्मत देता रहा। आज बेटे को उसकी मंजिल मिल गई।