संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से दिलाने के लिए जिले में फार्मर रजिस्ट्री (यूनिक आईडी) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि विभाग की ओर से इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 30 मार्च निर्धारित की गई है।
उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत अन्य सब्सिडी आधारित योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में उर्वरक (खाद) वितरण भी रजिस्ट्री से ही जुड़ा रहेगा, ऐसे में बिना पंजीकरण के किसानों को खाद मिलने में भी दिक्कत आ सकती है।
जिले में कुल 2 लाख 41 हजार किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक करीब 1 लाख 80 हजार किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। अभी भी करीब 61 हजार किसान रजिस्ट्री से वंचित हैं।
अभियान के तहत कृषि विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने के साथ ही मौके पर ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करा रही हैं।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी पंजीकरण केंद्र पर पहुंचकर जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा लें।