उरई/ऊमरी (जालौन)। किसान ने अपने ही खेत में लगे आम के पेड़ पर गमछे से फांसी लगा ली। जब वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो पुत्र खोजने निकला और खेत पर पिता का शव फंदे लटकता देख चीख पड़ा और परिजनों व पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर सीओ, थाना प्रभारी फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे और शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का कहना है किसान पर बैंक व साहूकारों का दो लाख रुपये का कर्ज था। इस बार खेत में खड़ी तिली की फसल भी खराब होने से वह तनाव में रहता था।
रामपुरा थाना क्षेत्र के बाबूपुरा निवासी किसान राज नारायण (45) पुत्र बलदेव राठौर ने रविवार शाम लगभग 9 बजे अपने खेत के लिए घर से निकला था। वहां पहुंचकर उसने खेत पर लगे आम के पेड़ पर गमछे से फांसी लगा ली। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो उसका पुत्र धर्मेंद्र उसे खोजने निकला। जब वह खेत पर पहुंचा तो पिता को पेड़ पर फंदे से लटका देखकर सन्न रह गया और परिजनों व पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पहुंचे सीओ राहुल पांडेय, थाना प्रभारी आरके सिंह व फोरेंसिक टीम पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों ने बताया कि राज नारायण ने इलाहाबाद बैंक, रामपुरा से किसान क्रेडिट कार्ड पर वर्ष 2017 में 70 हजार रुपये का कर्ज लिया पर वह अदा नहीं कर पाने के कारण ब्याज सहित एक लाख रुपये हो गया था। इसके अलावा साहूकारों का भी लगभग एक लाख रुपये का कर्ज था। उसके नाम तीन बीघा जमीन थी, जिसमें से एक बीघा जमीन गिरवी रख दी थी और 15 बिस्वा जमीन बेच दी थी।
उसकी पत्नी की 17 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसके दो पुत्र धर्मेंद्र व अनूप हैं। जिसमें धर्मेंद्र की शादी हो चुकी थी। थानाध्यक्ष आरके सिंह ने बताया मृतक के बेटे ने तहरीर में कर्ज से परेशान होने की बाच कही है, पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं तहसीलदार प्रेम नारायण प्रजापति का कहना है कि मामले की जानकारी होने पर लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी।
राज नारायण के घर के बाहर लगी भीड़- फोटो : ORAI