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फरहा नाज सुपुर्द-ए-खाक

Tue, 09 Feb 2016 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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पांच माह पूर्व बबीना सीट से जिला पंचायत सदस्य और फिर जिला पंचायत अध्यक्ष बनी फरहा नाज के आकस्मिक निधन के बाद उनका शव मंगलवार को उनके गांव मुमताजाबाद लाया गया। यहां कब्रिस्तान में गार्ड ऑफ ऑनर देकर शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शोक में कदौरा का बाजार मंगलवार को पूरी तरह से बंद रहा।
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14 जनवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद की शपथ लेने के बाद छौंक में आयोजित सीएम की जनसभा में मौजूद रहीं फरहा नाज की मौत की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।  फरहा नाज ने मुंबई के एक अस्पताल में सोमवार की शाम पांच बजे अंतिम सांस ली। वह कैंसर रोग से पीड़ित थीं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर

उनके पति अजहर बेग और रिश्तेदार अनीश मंसूरी मंगलवार दोपहर बाद उनके गांव मुमताजाबाद लाए। यहां डीएम रामगणेश, एसपी एन कोलांचि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके शव को राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इसके पहले सपा के पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव,
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जिलाध्यक्ष धीरेंद्र यादव, सदर विधायक दयाशंकर वर्मा, पूर्व विधायक शिवराम कुशवाहा, सपा नगर अध्यक्ष मुराद बख्श मंसूरी, विनोद द्विवेदी, जफर खान, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया,कालपी विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र सरसेला, पूर्व विधायक

अरुण मेहरोत्रा, ब्लॉक प्रमुख सुदामा दीक्षित, अनीस मंसूरी समेत बड़ी संख्या में सपा और अन्य दलों के नेताओं ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। एडीएम आनंद कुमार, एएसपी शकील अहमद, ईओ महेंद्र कुमार, पालिका चेयरमेन कालपी कमर अहमद, दानिश दीवान, असलम दीवान समेत अन्य अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे।

24 दिन रहीं जिला पंचायत की अध्यक्ष
फरहा नाज ने बबीना सीट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतकर राजनीति में एंट्री की थी। इसके बाद वह जनपद में राजनीतिक क्षेत्र में सबसे चर्चित महिला के रूप में उस समय सामने आईं जब उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने जिला पंचायत

अध्यक्ष के लिए आवेदन किया। इसके बाद वे जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष बनने वाली पहली मुस्लिम महिला रहीं। निर्विरोध निर्वाचित होकर भी उन्होंने इतिहास कायम किया था। इसके बाद उनका गुजर जाना क्षेत्रवासियों के लिए सबसे दुखद रहा। फरहा नाज ने 24 दिन ही अध्यक्ष रह पाईं।

नवाब खानदान में हुआ था जन्म
कदौरा के नवाब हामिद सिद्दीकी जुबेदा खातून के परिवार में सन 1985 में फरहा नाज ने जन्म लिया था। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ज्ञान मंदिर कदौरा में हासिल की। बीएससी और फिर पॉलीटेक्निक करने के बाद उनका निकाह मुमताजाबाद निवासी अजहर बेग से हुआ था। वर्ष 2015 अक्तूबर माह में उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा और बबीना सीट पर जीत हासिल की। 
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