सतीश के पिता सुघर सिंह से जानकारी लेते कोतवाल
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उरई/मुहम्मदाबाद। हादसे की जानकारी मिलते ही कुसमिलिया गांव से लोगों की भीड़ के साथ मृतकों के परिजन भी रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर भागचंद्र व सतीश के शव देख परिजन बदहवास हो गए। सतीश की मां सीता तो गश खाकर गिर पड़ी। भाई मनीष ने बड़ी मुश्किल से उसे संभाला। वहीं भागचंद्र के पिता भी अस्पताल में सिर दीवार से टकराकर रोते बिलखते रहे। जबकि उनकी पत्नी रामकुमारी भी घर पर बेटे का नाम लेकर चीख रही थी।
स्कूल में भी थे दोनों की दोस्ती के चर्चे
भागचंद्र व सतीश की दोस्ती सिर्फ कुसमिलिया गांव में ही नहीं बल्कि उनके स्कूल कुसमिलिया इंटर कालेज में भी काफी चर्चा में रहती थी। दोनों एक साथ स्कूल आते और जाते थे। साथियों ने बताया कि कभी भी उनके बीच विवाद नहीं होता था। कई बार तो दोनों स्कूल में एक ही टिफिन से खाना भी खाते थे। दोनों दोस्तों की मौत की खबर से गांव के साथी ही नहीं बल्कि स्कूल प्रबंधन के लोग भी स्तब्ध हो गए।
पारिवारिक रिश्ते से सतीश का मामा है प्रिंस
वैसे तो प्रिंस कोटरा के ऐंधा गांव में रहकर ही पढ़ाई करता है। वह कुसमिलिया अक्सर अपने जीजा धीरेंद्र के घर आता है। मृतक सतीश व धीरेंद्र के पारिवारिक रिश्ते होने के कारण ही सतीश प्रिंस को मामा कहता था। इस कारण सतीश के सभी साथी भी प्रिंस को मामा कहकर ही बुलाते है। फिलहाल दो दोस्तों की मौत और प्रिंस के घायल होने से पूरे गांव में मातम छाया है।
गांव कुसमिलिया में हादसे के बाद बैठे गमगीन परिजन। - फोटो : ORAI
जिला अस्पताल के बाहर खड़े मृतक के परिजन- फोटो : ORAI