आंधी में उड़ी बिजली पांचवें दिन शनिवार को भी ठीक नहीं हो सकी। कुसमिलिया विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों के लोग बिना बिजली के परेशान हैं। बिजली नहीं आने से जहां भीषण गर्मी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है वहीं पानी की समस्या भी विकराल हो गई है। उधर, ग्रामीण विभाग में बिजली ठीक होने के बारे में जानकारी को फोन करते हैं तो कोई फोन नहीं
उठाता। इससे ये भी पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर राहत कब तक मिलेगी। इसको लेकर भी ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ रहा है। बताते चलें कि 24 मई को आए आंधी तूफान के बाद से कुसमिलिया विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। तब से दो दर्जन से अधिक गांवों में बिजली गुल है। भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से पीने के पानी की
समस्या बढ़ गई है। लोग इस भीषण गर्मी में हांफते फिर रहे हैं। ग्रामीण पवन कुमार, सुनील पाठक, विक्रम राजपूत, शशिकांत, एजाद खांन, परशुराम राठौर, भइया जी, दिलीप शिवहरे
आदि का कहना है कि आंधी आने से बिजली गुल हुए पांच दिन बीत गए हैं। ऐसे में जहां गर्मी में गुजर करना पड़ रही है वहीं इंसानों के साथ मवेशियों को भी पीने के पानी की भारी किल्लत हो रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संदीप कौर से मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था सुचारु कराए जाने की मांग की है।
गांव के बाहर पेड़ों तले बैठ रहे ग्रामीण
बिजली न आने से ग्रामीण भीषण गर्मी से राहत के लिए गांव के बाहर पेड़ों की छांव में बैठते देखे जा रहे हैं। गांव के हैदर बेग, मोहित, रिंकू, दीपेन्द्र आदि बताते हैं कि गांव की बिजली गुल हुए पांच दिन बीत गए हैं। ऐसे में गर्मी के दिन गुजारना बड़ा मुश्किल हो रहा है।
कोसों दूर चल कर पानी भरने पहुंचे लोग
ग्रामीणांचलों के कई हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए शनिवार को खासी भीड़ रही। हैंडपंप भी अब जवाब देते नजर आ रहे हैं। बिजली न आने से क्षेत्र में पानी के लिए त्राहि-त्राहि है। लोग साइकिलों, बाल्टियों और कंधे पर घड़े रख कर पानी भरते नजर आ रहे हैं।