माधौगढ़। क्षेत्र के हरौली गांव में बीएसएफ इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के बेटे विनय प्रताप सिंह ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर कर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार की देर रात घर पहुंचे सुरेंद्र सिंह जवान बेटे का शव देख जमीन पर गिर पड़े। परिजनों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला। फिलहाल परिजनों ने किसी के खिलाफ कोतवाली थाने में तहरीर नहीं दी। कोतवाली थाना प्रभारी जेपी पाल का कहना है कि परिजन अभी तक विनय के खुदकुशी की वजह भी नहीं बता पा रहे हैं। जांच की जा रही है।
विनय प्रताप सिंह उर्फ रानू ने मंगलवार की रात घर की दूसरी मंजिल पर पिता सुरेंद्र की लाइसेंसी रिवाल्वर से कनपटी में सटा कर गोली मार ली थी। बुधवार की सुबह रामप्यारी कमरे में बेटे विनय को बेटे को चाय देनी गई। तब उन्हें घटना का पता चला। बेटे की मौत से बदहवास रामप्यारी बार बार यही चिल्ला रही थी कि रिवाल्वर ने ही मेरे रानू की जान ले ली।
कई बार कहा था कि रिवाल्वर घर पर मत रखो, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी और आज बेटे को गंवाना पड़ गया। अंतिम संस्कार के बाद घर लौटे सुरेंद्र भी एक कोने में गुमसुम बैठे रहे। विनय की पत्नी संजू ने बताया किआखिरी पति से मंगलवार को दिन में बात हुई थी। कह रहे थे शुक्रवार को और्य्या आकर बेटे तेजस की फीस जमा करा देंगे। उसे क्या पता था कि वह शुक्रवार अब रानू के जीवन में कभी नहीं आएगा। बता दें संजू अपने बच्चे को साथ लेकर और्य्या में उसे पढ़ाने के लिए ही रहती थी।