उरई। बीच सड़क में खुदी पड़ी पुलिया की वजह से 26 दिन के भीतर तीन लोगों की मौत हो गई। लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं। कई जगह अभी भी बीच सड़कों में गड्ढे हैं। पुलिया टूटी पड़ी हैं। जरा सी लापरवाही से हादसा हो सकता है। लेकिन इसके बाद भी किसी जिम्मेदार का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। हादसों से लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि हादसों के बाद भी पीडब्ल्यूडी विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जिले में बीच सड़क में कई जगह पुलिया के गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में पिछले 26 दिनों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। 22 दिसंबर को जालौन खुर्द निवासी निवासी नीरज चौधरी अपनी पत्नी प्रियतमा के साथ घर लौट रहा था। तभी रामपुरा के जगम्मनपुर-बहादुरपुर मार्ग पर विलौहा-लिड़ऊपुर के पास पानी के बहाव से बनी खाई में पत्नी गिर गई थी। जहां उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। लोगों का कहना था कि अगर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा संकेतक लगा दिए गए होते तो शायद महिला जिंदा होती। इसके बाद 01 जनवरी को कैलिया थाना क्षेत्र के पीपरीकलां निवासी निवासी संदीप गौरी शंकर के साथ घर लौट रहा था। जैसे ही बाइक देवगांव के पास पहुंची तो पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा खुदी पुलिया के गड्ढे में उनकी बाइक गिर गई थी। जिसमें संदीप की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया था। लेकिन इसके बाद भी विभाग नहीं चेता ।
कोतवाली क्षेत्र के गुरावती गांव निवासी मनोज पटेल (42) बुधवार को रात में करीब 9 बजे वह घर लौट रहा था। तभी कोहरे के कारण उसे सड़क के बीच गड्ढा दिखाई नहीं दिया और बाइक सहित वह उसी गड्ढे में गिर गया। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे बाइक सवारों ने गड्ढे में बाइक की लाइट जलती देखी। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि अगर पीडब्लूडी विभाग गड्ढे के आसपास संकेतक लगा देता तो शायद आज युवक जिंदा होता। 26 दिन के अंदर तीन मौतों से लोगों में विभागीय अधिकारियों के प्रति खासा रोष है। वहीं हादसों के बाद भी कालपी के जोल्हूपुर मोड़ मदारीपुर मार्ग के जौधर नाले के पास व रामपुरा क्षेत्र सहित कई जगहों पर पुलिया व सड़कों में गड्ढें हैं। जिनमें जरा सी लापरवाही से हादसा हो जाता है। पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि सभी सड़कों में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान हुए गड्ढों में संकेतक लगवाए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी जगहों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाए।