छींटाकशी के विरोध को लेकर हमलावरों ने सोमवार की देर शाम एक घर में घुसकर परिवार को बेरहमी से मारापीटा। हमले में महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर आसपास रहने वाले लोगों ने हमलावरों को ललकारा तो वह जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
पीड़ित किसी तरह कदौरा थाना पहुंचे तो वहां उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित पक्ष के ही तीन लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की है।
सोमवार की देर रात मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी आशाराम पुत्र सिद्दा के दरवाजे पर कुछ शोहदे खड़ेे फब्तियां कस रहे थे। इस पर उसने शोहदों को वहां से डपट कर भगा दिया। यह शोहदों को नागवार गुजरा और कुछ देर बाद ये दर्जन भर साथियों के साथ आ गए।
उन्होंने घर में घुसकर आशाराम को पीटना शुरू कर दिया। घर में मौजूद महिलाओं ने उन्हें बचाना चाहा तो हमलावरों ने उनको भी पीट दिया और गालीगलौज की। शोरगुल सुनकर पास पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे तो हमलावर भाग निकले। जाते समय हमलावर पीड़ित परिवार को जानमाल की धमकी दे गए हैं।
मारपीट में मां हरदेवी, बिटोली पत्नी आशाराम, शिववती पुत्री आशाराम, श्रीदेवी पुत्री आशाराम, सुमन पत्नी बलखंडी घायल हो गए। पीड़ित परिवार घायल हालत में थाने पहुंचा तो पुलिस ने कार्रवाई करने केे बजाय उन्हें थाने से दुत्कार कर भगा दिया।
हालांकि बाद में पुलिस ने एक आरोपी सोनू पुत्र बसीम निवासी मोहल्ला व्यासपुरा को हिरासत में लिया है। वहीं पुलिस ने पीड़ित पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ भी शाति भंग की आशंका में कार्रवाई की है। पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित पक्ष नाराज है परिवार का कहना है कि वह पुलिस की शिकायत महिला आयोग से करेगी।
साथ ही बुधवार को एसपी एन कोलंाचि से मिलकर कार्रवाई की मांग करेेंगे। थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा का कहना है कि दोनों पक्षों ने झगड़ा किया था किया था लिहाजा इसलिए कार्रवाई की है। उधर चर्चा तो यह है कि पुलिस ने राजनैतिक दबाव के चलते हमलावर पक्ष के एक व पीड़ित पक्ष के तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।