जून महीने के अंत में कोंच के रजिस्ट्री दफ्तर में लगी आग के मामले में तत्कालीन सब रजिस्ट्रार को निलंबित कर दिया गया है, उन्हें इलाहाबाद स्थित महानिरीक्षक स्टांप कार्यालय से संबद्घ किया गया है, उनके स्थान पर गुलजारी कुशवाहा को नया सब रजिस्ट्रार बना कर भेजा गया है।
कार्रवाई की पुष्टि आईजी स्टांप झांसी राहुल कुमार गुप्त ने भी कर दी है। बहुत ही अप्रत्याशित घटनाक्रम के तहत कोतवाली से सटे रजिस्ट्री दफ्तर के अंदर 28 जून की शाम तकरीबन पांच बजे अचानक आग लगने से महत्वपूर्ण दस्तावेज जल गए थे।
घटना का कारण अब तक पता नहीं चला है। मामले में जांच भी लंबी चली। जांच के बाद तत्कालीन प्रभारी सब रजिस्ट्रार प्रमोद यादव को महानिरीक्षक स्टांप ने निलंबित करते हुए अपने इलाहाबाद स्थित कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। जिस दिन आग लगी उस दिन रविवार का अवकाश था।
इसलिए सुबह से धधक रही आग की जानकारी शाम को तब हुई जब तेज हवाओं से दफ्तर के भीतर से धुआं बाहर आने लगा।
फायर ब्रिगेड ने तमाम मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। आग में कितना नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी इसलिए भी नहीं हो सकी कि सब रजिस्ट्रार ने तमाम जले कागजातों को रातोरात कूड़े की तरह भरवा कर फेंकवा दिया था।
एडीएम आनंदकुमार ने एआईजी स्टांप कृष्णपाल सिंह को मामले की बारीकी से जांच कर ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दे दिए थे और लंबी चली जांच के बाद सब रजिस्ट्रार प्रमोद यादव के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की गई है। उनके स्थान पर गुलजारी कुशवाहा को नया सब रजिस्ट्रार बनाया गया है।
बोले डीआईजी, कर्तव्यहीनता में हुआ निलंबन- कोंच। कोंच रजिस्ट्री दफ्तर में तैनात रहे प्रभारी सब रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार यादव को उक्त अग्निकांड के लिए सीधे तौर पर दोषी ठहराया गया है। इसके चलते उनको निलंबित किया गया है।
डीआईजी स्टांप झांसी राहुल कुमार गुप्त ने उनके निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि महानिरीक्षक स्टांप ने प्रमोद यादव को कर्तव्यहीनता और लापरवाही का दोषी माना है। उन्हें मिली जांच रिपोर्ट के बाद निलंबन की यह कार्रवाई दो नवंबर को गई है और यादव को इलाहाबाद कार्यालय से संबद्ध किया गया है।