यमुना नदी के ऊपर बना पुल ओवरलोड वाहनों के चलते क्षतिग्रस्त हो गया। रविवार से कंपनी की इंजीनियर टीम द्वारा उसके मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। अफसरों का कहना है कि तीन माह के अंदर पुन: वाहन पुल से गुजरेंगे। यमुना नदी के पुराने पुल से 1982 मे यातायात प्रारंभ हुआ था लेकिन फोरलेन प्राधिकरण की ओर से लगाए गए चेतावनी बोर्ड की
अनदेखी करते हुए ओवरलोड वाहनों का चलना जारी रहा, जिससे पुल में कई बार तकनीकी कमियां आई तथा कई बार महीनों के लिए यातायात रोका गया। लगातार ओवरलोड झेल रहे पुल में 20 जून के आस पास भारी दरार पड़ गई। अधिकारियों के संज्ञान मे आने से पुल पर तत्काल यातायात रोक दिया गया। इसके बाद अनेक इंजीनियरों की टीमों ने निरीक्षण कर
मरम्मत का निर्णय लिया। रविवार से इं, प्रभाकर की देखरेख में पुल की पहली कोठी से एंगलों की नशेनी बना कर लगाने का कार्य प्रारंभ हो गया है जो चार दिन तक चलेगा इसके बाद
अन्तिम कोठी के पास मरम्मत का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इं प्रभाकर के अनुसार उक्त कार्य तीन महीना के अन्दर पूर्ण होने की सम्भावना है। कार्य पूर्ण होने पर पुल को पुन: यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।